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पूर्णिया के GD Goenka पब्लिक स्कूल में संतों का आगमन, छात्रों को मिला आध्यात्मिक और नैतिक ज्ञान

पूर्णिया के जी डी गोयनका पब्लिक स्कूल में मुनि श्री ज्ञानेंद्र कुमार और मुनि पदम कुमार के आगमन से आध्यात्मिक माहौल बना। छात्रों को अहिंसा, परिवार के महत्व और नशामुक्त जीवन का संदेश दिया गया।

बिहार न्यूज
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PURNEA: पूर्णिया के जी डी गोयनका पब्लिक स्कूल में आध्यात्मिक माहौल उस समय और भी विशेष हो गया, जब पूज्य मुनि श्री डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार और मुनि श्री पदम कुमार का पावन आगमन हुआ। इस अवसर पर विद्यार्थियों को न केवल आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव हुआ, बल्कि उन्हें नैतिक मूल्यों, अहिंसा और संस्कारपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा भी मिली। 


अपनी उच्च स्तरीय शैक्षणिक गुणवत्ता, अनुशासित वातावरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु कटिबद्ध जी डी गोयनका पब्लिक स्कूल, पूर्णिया एक बार पुनः आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बन गया। अवसर था विद्यालय परिसर में पूज्य मुनि तपस्वी श्री डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जी एवं पूज्य मुनि श्री पदम कुमार जी के पावन आगमन का। पूर्णिया का यह प्रतिष्ठित संस्थान न केवल आधुनिक शिक्षा बल्कि नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक गरिमा को अक्षुण्ण रखने में सदैव अग्रणी रहा है।


कठिन तपस्या और त्याग की प्रतिमूर्ति हैं पूज्य मुनिश्री

विद्यालय परिवार के लिए यह परम सौभाग्य का विषय रहा कि उन्हें ऐसे महान संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ, जिनका जीवन स्वयं में एक जीवंत संदेश है। विगत 50 वर्षों से निरंतर कठिन तपस्या में लीन पूज्य मुनिश्री का त्याग विस्मित कर देने वाला है। वे निद्रा का त्याग कर चुके हैं और कभी सोते नहीं हैं, जो उनकी उच्च आध्यात्मिक अवस्था का प्रमाण है। उनकी साधना की कठोरता इसी से झलकती है कि वे आज भी एक दिन आहार ग्रहण करते हैं और अगले दिन बिना अन्न-जल के पूर्ण उपवास रखते हैं।


अपने ओजस्वी संबोधन में पूज्य मुनिश्रियों ने अहिंसा के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अहिंसा केवल जीव हत्या न करना ही नहीं, बल्कि अपने विचारों और वाणी से भी किसी को कष्ट न पहुँचाना है। विशेष रूप से विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए उन्होंने परिवार के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि परिवार ही हमारी शक्ति है और माता-पिता एवं बड़े-बुजुर्गों का सम्मान करना व उनका साथ देना ही सबसे बड़ा धर्म है। मुनिश्री ने बच्चों को सिखाया कि जो विद्यार्थी अपने परिवार में प्रेम और बड़ों का आदर बनाए रखता है, वही जीवन के हर क्षेत्र में सफल होता है। इसके साथ ही उन्होंने "नशा" जैसी सामाजिक बुराई से दूर रहकर आत्म-संयम को अपनाने की प्रेरणा दी।


इस विशेष अवसर पर पूज्य मुनि श्री डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार जी ने विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती पुलोमा नंदी को पूज्य आचार्य श्री महाप्रज्ञ जी एवं पूर्व राष्ट्रपति श्री ए. पी. जे. अब्दुल कलाम जी द्वारा रचित ऐतिहासिक कृति “द फैमिली एंड द नेशन” भेंट की।


इस गरिमामयी अवसर पर विद्यालय के चेयरमैन श्री पीयूष अग्रवाल, वाइस चेयरमैन श्री शैलेंद्र गुप्ता, प्राचार्या श्रीमती पुलोमा नंदी, प्रशासनिक पदाधिकारी श्री प्रीतम दास एवं सीनियर एकेडमिक कोऑर्डिनेटर श्री त्रिवेणी पांडेय उपस्थित रहे। साथ ही, समाज के विभिन्न संगठनों से आए गणमान्य अतिथि यथा नेपाल बिहार जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के महामंत्री श्री बीरेन्द्र संचेती, महासभा के कार्यकारिणी सदस्य श्री मनोज पुगलिया, गुलाबबाग सभा के अध्यक्ष श्री सुशील संचेती, भट्टाबाजार सभा के अध्यक्ष श्री नवरत्न सेठिया एवं कटिहार सभा के मंत्री श्री राजकुमार पुगलिया की गौरवमयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।


कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार की ओर से मुनिश्रियों के प्रति अनंत आभार प्रकट किया गया। जी डी गोयनका पब्लिक स्कूल, पूर्णिया निरंतर ऐसे प्रेरणादायी आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों में संस्कार और नैतिकता का संचार कर राष्ट्र निर्माण में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

पूर्णिया के GD Goenka पब्लिक स्कूल में संतों का आगमन, छात्रों को मिला आध्यात्मिक और नैतिक ज्ञानपूर्णिया के GD Goenka पब्लिक स्कूल में संतों का आगमन, छात्रों को मिला आध्यात्मिक और नैतिक ज्ञान

पूर्णिया के GD Goenka पब्लिक स्कूल में संतों का आगमन, छात्रों को मिला आध्यात्मिक और नैतिक ज्ञान

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