ब्रेकिंग
जमुई की घटना पर तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार को घेरा, X पर वीडियो शेयर कर जमकर बरसेMDR का विरोध: 2000 से ज्यादा का पेट्रोल-डीजल-CNG लेने पर UPI से पेमेंट नहीं!, सिर्फ देना होगा कैशबंगाल में बैठे थे मालिक, पूर्णिया में हो गई रजिस्ट्री... आखिर कैसे हुआ यह फर्जीवाड़ा? शिकायत पर DM ने तलब की रिपोर्टजमुई वायरल वीडियो मामले पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी ने बिहार में कानून-व्यवस्था पर उठाए सवालBihar Crime News: दो दिन से लापता युवक का पोखर में मिला शव, प्रेम प्रसंग में हत्या का आरोपजमुई की घटना पर तेजस्वी यादव ने सम्राट सरकार को घेरा, X पर वीडियो शेयर कर जमकर बरसेMDR का विरोध: 2000 से ज्यादा का पेट्रोल-डीजल-CNG लेने पर UPI से पेमेंट नहीं!, सिर्फ देना होगा कैशबंगाल में बैठे थे मालिक, पूर्णिया में हो गई रजिस्ट्री... आखिर कैसे हुआ यह फर्जीवाड़ा? शिकायत पर DM ने तलब की रिपोर्टजमुई वायरल वीडियो मामले पर गरमाई सियासत, राहुल गांधी ने बिहार में कानून-व्यवस्था पर उठाए सवालBihar Crime News: दो दिन से लापता युवक का पोखर में मिला शव, प्रेम प्रसंग में हत्या का आरोप

बंगाल में बैठे थे मालिक, पूर्णिया में हो गई रजिस्ट्री... आखिर कैसे हुआ यह फर्जीवाड़ा? शिकायत पर DM ने तलब की रिपोर्ट

Bihar land registry fraud: पूर्णिया में जमीन की रजिस्ट्री से जुड़ा एक विवाद सामने आया है, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जमीन मालिक के पश्चिम बंगाल में रहने के बावजूद यहां रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हुई। मामले में जिलाधिकारी...

बंगाल में बैठे थे मालिक, पूर्णिया में हो गई रजिस्ट्री... आखिर कैसे हुआ यह फर्जीवाड़ा? शिकायत पर DM ने तलब की रिपोर्ट
Ramakant kumar
3 मिनट

Bihar land registry fraud News: पूर्णिया में जमीन की रजिस्ट्री को लेकर एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें जमीन मालिक के पश्चिम बंगाल में रहने के बावजूद पूर्णिया निबंधन कार्यालय में जमीन की रजिस्ट्री किए जाने का आरोप लगाया गया है. मामले की शिकायत मिलने के बाद जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने पूर्णिया के जिला अवर निबंधक उमाशंकर मिश्रा से रिपोर्ट मांगी है. रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.


मामला मौजा माधोपाड़ा में 2 एकड़ 50 डिसमिल जमीन से जुड़ा है. पॉलिटेक्निक चौक निवासी त्रिदेव कुमार ने अपनी शिकायत में बताया है कि उक्त जमीन को लेकर उनका रैयत अरुणांशु सूर, पिता स्व. विष्णु प्रसन्नो सूर के साथ निबंधित इकरारनामा हुआ था. इसके तहत उन्हें जमीन खरीदनी थी.


शिकायतकर्ता के अनुसार, जमीन मालिक ने इकरारनामे के बावजूद 31 जुलाई 2026 को जमीन किसी दूसरे व्यक्ति के नाम रजिस्ट्री करने की प्रक्रिया शुरू की. इसकी जानकारी मिलने पर त्रिदेव कुमार पूर्णिया निबंधन कार्यालय पहुंचे. उनका दावा है कि उस समय जमीन मालिक रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही वहां से लौट गए.


इसके बाद शिकायतकर्ता ने जमीन मालिक से संपर्क करने की कई बार कोशिश की, लेकिन बातचीत नहीं हो सकी. मामले को लेकर सहायक खजांची थाना और न्यायालय में भी शिकायत की गई. इसकी लिखित सूचना 1 अगस्त और 3 अगस्त को अवर निबंधक, पूर्णिया और जिलाधिकारी को भी दी गई.


शिकायतकर्ता का आरोप है कि विवाद और शिकायत की जानकारी होने के बावजूद 12 सितंबर को उक्त जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई. सबसे बड़ा सवाल यह उठाया गया है कि जमीन मालिक के निबंधन कार्यालय में मौजूद नहीं रहने के बावजूद रजिस्ट्री की प्रक्रिया कैसे पूरी हुई.


त्रिदेव कुमार ने अपनी शिकायत में कहा है कि 12 सितंबर की निबंधन कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज की जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि उस दिन जमीन मालिक कार्यालय में मौजूद थे या नहीं. उन्होंने फुटेज की जांच कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की है.


शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज पश्चिम बंगाल भेजे गए और वहां जमीन मालिक से उन पर हस्ताक्षर कराए गए. उन्होंने इसे नियमों के विरुद्ध बताते हुए पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है.


मामले में जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर जिला अवर निबंधक से रिपोर्ट मांगी गई है. रिपोर्ट मिलने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.