PURNEA: पूर्णिया शहर के हाई-सिक्योरिटी इलाके डीआईजी चौक पर बीते रविवार रात हुई गोलीबारी के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, शहर में दहशत कायम कर अपनी पहचान बनाने की सनक में युवकों के एक गिरोह ने कथित तौर पर वारदात को अंजाम दिया था।
मामले के मुख्य आरोपी ऋषव सिंह ने पुलिस के बढ़ते दबाव के बाद अदालत में सरेंडर कर दिया। वहीं, जांच और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने घटना में शामिल पांच अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आयुष कुमार, शुभम कुमार सिंह उर्फ छोटू, निखिल कुमार, सुभम यादव और अमित सागर के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने सभी आरोपियों को डीआईजी चौक स्थित उसी चाय की दुकान पर ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट किया, जहां गोलीबारी की घटना हुई थी।
क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान पुलिस ने घटना से जुड़े पूरे घटनाक्रम को समझने और आरोपियों की भूमिका की पुष्टि करने का प्रयास किया।
देसी कट्टा, बाइक और मोबाइल बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल एक देसी कट्टा, एक अपाचे बाइक और चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस इन सामानों के आधार पर भी मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
दहशत फैलाने और पहचान बनाने के लिए दिया था वारदात को अंजाम
पूर्णिया के एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों का कथित उद्देश्य शहर में झूठी दहशत कायम करना और खुद को ‘पॉपुलर’ बनाना था। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।





