ब्रेकिंग
अशोकधाम भगदड़ के बाद अलर्ट मोड में सरकार, अंतिम सोमवारी और पूर्णिमा के मौके पर 10 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, पूरी लिस्ट देखिएपश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांगलुंगी पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे विधायक IP गुप्ता, पत्रकारों से बोले-‘मोदी जी मेरे सपने में आए थे’ पटना में डराने लगी गंगा: भद्र घाट और महावीर घाट की सड़क पर पानी; SDRF और NDRF को अलर्ट रहने के निर्देशस्कूल से लौट रही छात्रा पर धारदार हथियार से हमला, गर्दन पर गंभीर चोट; हालत नाजुक अशोकधाम भगदड़ के बाद अलर्ट मोड में सरकार, अंतिम सोमवारी और पूर्णिमा के मौके पर 10 अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति, पूरी लिस्ट देखिएपश्चिम चंपारण बस हादसा: पांच लोगों की मौत के बाद सड़क पर उतरे परिजन, शव सड़क पर रखकर की मुआवजे की मांगलुंगी पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे विधायक IP गुप्ता, पत्रकारों से बोले-‘मोदी जी मेरे सपने में आए थे’ पटना में डराने लगी गंगा: भद्र घाट और महावीर घाट की सड़क पर पानी; SDRF और NDRF को अलर्ट रहने के निर्देशस्कूल से लौट रही छात्रा पर धारदार हथियार से हमला, गर्दन पर गंभीर चोट; हालत नाजुक

PMCH में कंबल घोटाला : डॉक्टर समेत तीन पर केस

PATNA: पीएमसीएच में कंबल घोटाले का मामला सामने आया है. इस मामले में अस्पताल के अधीक्षक डॉ. इंद्रशेखर ठाकुर ने केस दर्ज कराया है. अधीक्षक के बयान पर शल्य भंडार के चिकित्सा पदाध

PMCH में कंबल घोटाला : डॉक्टर समेत तीन पर केस
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA: पीएमसीएच में कंबल घोटाले का मामला सामने आया है. इस मामले में अस्पताल के अधीक्षक डॉ. इंद्रशेखर ठाकुर ने केस दर्ज कराया है. अधीक्षक के बयान पर शल्य भंडार के चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. चंदन, शल्य भंडार के तत्कालीन भंडारपाल हेमंत कुमार और तकनीकी सहयोगी शिवेंद्र प्रस्वद पर केस दर्ज किया गया है. एफआईआर दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है.


दरअसल, पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के शल्य भंडार के औचक निरीक्षण के दौरान पाया गया है कि कम्प्यूटराइज स्टॉक में 334 कंबल लिखा है, जबकि में भंडार में 14 ही हैं। रोष 320 कंबल कहां गए इसका अबतक हिसाब नहीं मिल पाया है. पीएमसीएच के शल्य भंडार का औचक निरीक्षण 27 जनवरी 2022 को किया गया. इस दौरान पीएमसीएच के उपाधीक्षक, मुख्य आकस्मिक चिकित्सा पदाधिकारी, राज्य भंडार के चिकित्सा पदाधिकारी, भंडारपाल, तत्कालीन भंडारपाल सहित अन्य लोग उपस्थित थे.


एफआईआर में कहा गया है कि तत्कालीन भंडारपाल हेमंत शर्मा ने शल्य भंडार का संपूर्ण प्रभार भंडारपाल महेश प्रसाद को नहीं सौंपा है. वहीं कार्यालय से उन्हें 19 अप्रैल को रिमाइंडर दिया जा चुका है. इनका वेतन भी रोक दिया गया है. अधीक्षक ने पुलिस से कहा कि भंडार का कार्य और रखरखाव की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी भंडारपाल और तकनीकी सहयोगी की होती है. साथ ही चिकित्सा पदाधिकारी भंडार समीक्षक होते हैं. इसी कारण इन तीनों पर एफआईआर की गई है.

टैग्स