ब्रेकिंग
पुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबपुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायब

पिता की अंतिम इच्छा एक बेटे ने पूरी की, 5 लाख की लागत से गांव वालों के लिए बनवाया आरसीसी पुल

MADHUBANI: अब बात बिहार के मधुबनी जिले में रहने वाले कलयुग के श्रवण कुमार की करते है जिसने अपने पिता की आखिरी इच्छा पूरी की है। पिता ने मरने से पहले कहा था कि जब मेरी मौत होगी

पिता की अंतिम इच्छा एक बेटे ने पूरी की, 5 लाख की लागत से गांव वालों के लिए बनवाया आरसीसी पुल
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

MADHUBANI: अब बात बिहार के मधुबनी जिले में रहने वाले कलयुग के श्रवण कुमार की करते है जिसने अपने पिता की आखिरी इच्छा पूरी की है। पिता ने मरने से पहले कहा था कि जब मेरी मौत होगी तब श्राद्धकर्म का भोज और कर्मकांड में पानी की तरह पैस मत बहाना उसकी जगह गांव में एक पुल बनवा देना जो ग्रामीणों के काम आएं। पिता की मौत के बाद उनकी अंतिम इच्छा को उनके बेटे पूर्व उप सरपंच विजय प्रकाश झा ने पूरा भी किया। उन्होंने गांव में आरसीसी पुल बनवा डाला। जिसमें पांच लाख रुपये खर्च हुए है। इस पुल के बन जाने से करीब 2 हजार लोगों को फायदा मिलेगा। 


बताया जाता है कि मधुबनी जिले के कलुआही प्रखंड निवासी महादेव झा जब खेत और बगीचा देखने जा रहे थे तभी पुल नहीं रहने के कारण वे कीचड़ में गिर पड़े और घायल हो गये। उसी वक्त महादेव झा ने बेटे विजय प्रकाश झा को इशारे से बुलाया और कहा कि यदि उनकी मौत हो जाती है तो किसी तरह के भोज का आयोजन नहीं करना। उस पैसे से गांव के लोगों के लिए पुल बना देना। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।


पिता की अंतिम इच्छा के अनुरूप विजय प्रकाश ने काम किया। 16 मई 2020 को महादेव झा का निधन हो गया। जिसके बाद उनके बेटे विजय प्रकाश आरसीसी पुल बनवाने में जुट गये। हालांकि कि कोरोना काल के कारण इसके निर्माण में थोड़ा विलंब जरूर हुआ लेकिन अब यह पुल पूरी तरह से बनकर तैयार है। इस आरसीसी पुल को बनाने में पांच लाख रुपये खर्च किया गया है। अरुणाचल प्रदेश में शिक्षक रहे महादेव झा की याद में पुल बनकर हो गया है। इस पुल पर महादेव झा के नाम का बोर्ड भी लगाया गया है जिसे गांव वालों को समर्पित किया गया है।


टैग्स
इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें