PATNA : सरकार ने फोन इंटरसेप्शन को लिए नए नियम जारी किए हैं. नए नियम के तहत देश के सभी राज्य स्तर पर पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) और उनसे बड़ी रैंक के अधिकारी आपातकालीन मामलों में फोन इंटरसेप्शन को लेकर आदेश जारी कर सकते हैं। नए नियम के तहत इन अधिकारियों को सरकार की तरफ अधिकार दिए गए हैं। दूरसंचार विभाग की तरफ से इसको लेकर अधिसूचना जारी की गई।
अधिसूचना में यह भी कहा गया कि अधिकारी जिन आपातकालीन मामलों में आदेश जारी करेगा उसे उनमें काम करने वाले सात दिनों के अंदर इस तरह के आदेश की पुष्टि की जानी जरूरी है। अधिकारी अगर ऐसे आदेश की पुष्टि नहीं करता है, तो इंटरसेप्ट किए गए मैसेजेस का इस्तेमाल किसी भी उद्देश्य के लिए नहीं किया जा सकेगा। बिना उसकी पुष्टि के उन मैसेजेस के उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
नए नियम में यह भी कहा गया है कि इंटरसेप्शन के दौरान जो भी मैसेजेस की कॉपी को दो दिनों में ही डिलीट या खत्म करना होगा। जारी किए गए अधिसूचना के मुताबिक, जहां सक्षम अधिकारी दूरदराज के क्षेत्रों में आदेश जारी करने की स्थिति में नहीं हैं, तो इंटरसेप्शन आदेश केंद्रीय स्तर की एजेंसियों क अधिकारियों की ओर से जारी किया जाएगा।
वहींउनकी की उपस्थिति नहीं होने पर एजेंसी के प्रमुख या दूसरे स्तर के सबसे वरिष्ठ अधिकारी इंटरसेप्शन का आदेश जारी करने का अधिकार रखेंगे। नए आदेश के मुताबिक, राज्य की एजेंसी के प्रमुख या दूसरे सबसे सीनियरअधिकारी, जो IG रेंज के अधिकारियों नीचे नहीं हो, वह भी ऐसे इसका आदेश जारी कर सकते हैं।
केंद्र सरकार के मामले में गृह मंत्रालय में केंद्रीय गृह सचिव या राज्य सरकार के मामले में गृह विभाग के प्रभारी सचिव को इस तरह के फैसले का अधिकार होगा। फोन इंटरसेप्शन मामले में केंद्रीय स्तर पर समीक्षा समिति की अध्यक्षता कैबिनेट सचिव की ओर से की जाएगी। जबकि, इसके सदस्य कानून और दूरसंचार सचिव होंगे। राज्य स्तर पर मुख्य सचिव समीक्षा समिति की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें गृह सचिव के साथ राज्य कानून और राज्य सरकार के सचिव अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।






