ब्रेकिंग
Bihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमBihar Tender Scam : टेंडर घोटाले में बड़ा खुलासा! SVU के सामने आरोपी रिशुश्री ने खोले कई राज, कहा - सरकारी काम में लेनदेन जरूरी, कई सवालों पर साधी चुप्पीBihar weather: पटना समेत बिहार में मौसम का डबल अटैक! कहीं लू तो कहीं तेज बारिश और बिजली गिरने का खतराBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकBihar News: 22 कोच वाली नई ट्रेन शुरू, राजस्थान से बिहार तक का सफर होगा सुविधाजनक; देखें पूरा रूटBihar News: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योग, पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रमBihar Tender Scam : टेंडर घोटाले में बड़ा खुलासा! SVU के सामने आरोपी रिशुश्री ने खोले कई राज, कहा - सरकारी काम में लेनदेन जरूरी, कई सवालों पर साधी चुप्पीBihar weather: पटना समेत बिहार में मौसम का डबल अटैक! कहीं लू तो कहीं तेज बारिश और बिजली गिरने का खतरा

Saraswati Puja : भारत और खासकर बिहार में आज सरस्वती पूजा की धूम, ज्ञान की देवी के जयकारों से गूंजा हर कोना

भारत और खासकर बिहार में आज सरस्वती पूजा की धूम देखने को मिल रही है। स्कूलों, कॉलेजों, घरों और सार्वजनिक पंडालों में मां सरस्वती की भव्य पूजा की जा रही है। छात्र-छात्राएं ज्ञान, बुद्धि और सफलता की कामना के साथ मां के चरणों में नतमस्तक हैं। बसंत पंचमी

Saraswati Puja
Saraswati Puja
© Ai photo
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Saraswati Puja : आज पूरे भारत और विशेष रूप से बिहार में विद्या, बुद्धि और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा बड़े ही श्रद्धा, उल्लास और भक्ति भाव के साथ की जा रही है। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर विद्यालयों, कॉलेजों, घरों, मंदिरों और सार्वजनिक पंडालों में मां सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित की गईं हैं। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ पूजा स्थलों पर उमड़ पड़ी है और चारों ओर “जय मां सरस्वती” के जयघोष गूंज रहे हैं।


बिहार में सरस्वती पूजा का विशेष महत्व है, खासकर छात्र-छात्राओं के लिए। स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाले बच्चे नए वस्त्र धारण कर, किताबों और कलम के साथ मां के चरणों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। कई जगहों पर विद्यार्थियों ने रात से ही जागरण कर पूजा की तैयारियां पूरी कीं और सुबह विधिवत मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर, पूर्णिया, छपरा सहित राज्य के लगभग सभी जिलों में भव्य पंडाल सजाए गए हैं।


राजधानी पटना में भी सरस्वती पूजा की खास रौनक देखने को मिल रही है। स्कूल, कॉलेज और मोहल्लों में आकर्षक और कलात्मक प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। युवा वर्ग ने सजावट में रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और पारंपरिक सजावटी वस्तुओं का उपयोग किया है। कई जगहों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, भजन-कीर्तन और सरस्वती वंदना का आयोजन भी किया जा रहा है, जिससे माहौल भक्तिमय बना हुआ है।


सरस्वती पूजा का आयोजन सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बन गया है। अलग-अलग समुदायों के लोग मिलकर पूजा की तैयारियों में जुटे नजर आ रहे हैं। महिलाएं घरों में विशेष पकवान बना रही हैं, जिनमें खीर, हलवा, बूंदी, खिचड़ी और फल-फूल प्रमुख रूप से चढ़ाए जा रहे हैं। वहीं, बच्चों में पूजा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।


बिहार में सरस्वती पूजा का एक खास आकर्षण पंडालों में स्थापित प्रतिमाओं की कलात्मकता होती है। मिट्टी और प्लास्टर से बनी मां सरस्वती की प्रतिमाओं में सौम्यता, शांति और विद्या का अद्भुत भाव देखने को मिलता है। कई कलाकारों ने इस वर्ष पर्यावरण के प्रति जागरूकता दिखाते हुए इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं तैयार की हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया जा रहा है।


प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल की तैनाती, ट्रैफिक नियंत्रण और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि पूजा शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।


ग्रामीण क्षेत्रों में भी सरस्वती पूजा की धूम कम नहीं है। गांवों में सामूहिक पूजा का आयोजन किया गया है, जहां बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी मिलकर मां सरस्वती की आराधना कर रहे हैं। कई जगहों पर सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं, कविता पाठ, चित्रकला और संगीत कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं, जिससे बच्चों की प्रतिभा को मंच मिल रहा है।


सरस्वती पूजा के साथ ही बसंत ऋतु के आगमन का भी स्वागत किया जा रहा है। चारों ओर पीले वस्त्र, फूलों और सजावट से वातावरण और भी मनमोहक हो गया है। लोग एक-दूसरे को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दे रहे हैं और ज्ञान, सफलता तथा उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं।


कुल मिलाकर, आज भारत और खासकर बिहार में सरस्वती पूजा का पर्व आस्था, संस्कृति और शिक्षा के प्रति सम्मान का जीवंत उदाहरण बन गया है। मां सरस्वती की कृपा से विद्यार्थियों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश फैले, यही सभी की कामना है।