ब्रेकिंग
कुशवाहा के तीन विधायक हो गए बागी? RLM अध्यक्ष बोले- नशे में मदहोश हो गए हैं लोग..✦बक्सर में पुरानी रंजिश को लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग, 10-12 राउंड चली गोलियां; पांच गिरफ्तार✦Bihar MLC Election 2026 : नीरज ने अनंत सिंह को हराने का षड्यंत्र रचा, ललन सिंह ने JDU प्रत्याशी की खोल दी पोल,कहा - यह सत्य है...✦Bihar Politics : ललन सिंह के धुरविरोधी से नीरज ने मिलाया हाथ! जेडीयू कैंडिडेट के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले अशोक सिंह को लगाया गले, वीडियो आया सामने✦CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन पर आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला, केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी✦कुशवाहा के तीन विधायक हो गए बागी? RLM अध्यक्ष बोले- नशे में मदहोश हो गए हैं लोग..✦बक्सर में पुरानी रंजिश को लेकर ताबड़तोड़ फायरिंग, 10-12 राउंड चली गोलियां; पांच गिरफ्तार✦Bihar MLC Election 2026 : नीरज ने अनंत सिंह को हराने का षड्यंत्र रचा, ललन सिंह ने JDU प्रत्याशी की खोल दी पोल,कहा - यह सत्य है...✦Bihar Politics : ललन सिंह के धुरविरोधी से नीरज ने मिलाया हाथ! जेडीयू कैंडिडेट के खिलाफ चुनाव लड़ने वाले अशोक सिंह को लगाया गले, वीडियो आया सामने✦CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन पर आया सुप्रीम कोर्ट का फैसला, केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी

सारण MLC चुनाव में NDA को झटका? रालोमो के 3 विधायकों ने JDU उम्मीदवार के खिलाफ खोला मोर्चा; इस कैंडिडेट को समर्थन देंगे कुशवाहा के विधायक

बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले एनडीए के भीतर सियासी हलचल बढ़ गई है। सारण शिक्षक सीट पर रालोमो के तीन विधायकों ने NDA के JDU उम्मीदवार आनंद पुष्कर के खिलाफ अपनी ही पार्टी के प्रदेश महासचिव रामपुकार सिन्हा को समर्थन दिया है।

Bihar MLC Election 2026
Bihar MLC Election 2026
© file
Tejpratap
Tejpratap
5 मिनट

Bihar MLC Election 2026 : बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर सियासी हलचल के बीच एनडीए के घटक दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) में अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने आते दिख रहे हैं। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू उम्मीदवार आनंद पुष्कर के खिलाफ रालोमो के प्रदेश महासचिव रामपुकार सिन्हा को पार्टी के तीन विधायकों का समर्थन मिलने से गठबंधन के भीतर नई चर्चा शुरू हो गई है। रालोमो के प्रदेश अध्यक्ष आलोक सिंह, मधुबनी विधायक माधव आनंद और बाजपट्टी विधायक रामेश्वर महतो के रामपुकार सिन्हा के समर्थन में आने की बात सामने आई है।


रालोमो विधायक माधव आनंद ने इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि रामपुकार सिन्हा को समर्थन देने का फैसला पार्टी कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि रामपुकार सिन्हा पार्टी के प्रदेश महासचिव हैं और कार्यकर्ताओं की भावनाओं को देखते हुए उनके समर्थन में खड़ा होना जरूरी है। हालांकि, माधव आनंद ने यह भी साफ किया कि उनका यह फैसला सरकार या एनडीए के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि वे सरकार के समर्थन में आज भी हैं और आगे भी बने रहेंगे।


सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू ने आनंद पुष्कर को एनडीए उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारा है। ऐसे में गठबंधन के घटक दल रालोमो के तीन विधायकों का उसी गठबंधन के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव लड़ रहे रामपुकार सिन्हा को समर्थन देना राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इससे चुनावी मैदान के साथ-साथ एनडीए के भीतर भी इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


रामपुकार सिन्हा रालोमो के प्रदेश महासचिव हैं और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी के ही तीन विधायकों के उनके समर्थन में आने से मुकाबला और चर्चा में आ गया है। हालांकि, विधायकों की ओर से इसे पार्टी या सरकार के खिलाफ बगावत के बजाय कार्यकर्ताओं के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है। माधव आनंद ने भी अपने बयान में सरकार के साथ समर्थन जारी रखने की बात कही है।


रालोमो के भीतर विधायकों की नाराजगी की चर्चा नई नहीं है। इससे पहले भी दिनारा विधायक आलोक सिंह, मधुबनी विधायक माधव आनंद और बाजपट्टी विधायक रामेश्वर महतो को लेकर पार्टी नेतृत्व से मतभेद की बातें सामने आती रही हैं। इसी साल इन तीनों विधायकों के जनता दल यूनाइटेड में शामिल होने की अटकलों ने भी जोर पकड़ा था। हालांकि, बाद में इस संबंध में कोई औपचारिक राजनीतिक फैसला सामने नहीं आया।


पार्टी के विभिन्न कार्यक्रमों में इन विधायकों की मौजूदगी और गैरमौजूदगी को लेकर भी समय-समय पर चर्चा होती रही है। उपेंद्र कुशवाहा की ओर से आयोजित कार्यक्रमों से इन विधायकों की दूरी को भी पार्टी के भीतर चल रही नाराजगी से जोड़कर देखा गया। हालांकि, इस तरह की चर्चाओं पर नेताओं की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं और इसे लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।


रालोमो ने 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव एनडीए के साथ मिलकर लड़ा था। पार्टी ने चुनाव में छह सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और चार सीटों पर जीत हासिल की थी। मौजूदा विधानसभा में रालोमो के चार विधायक हैं। इनमें पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता भी शामिल हैं। ऐसे में तीन विधायकों का एनडीए के सहयोगी दल जेडीयू के उम्मीदवार के खिलाफ मैदान में उतरे अपनी ही पार्टी के प्रदेश महासचिव को समर्थन देना गठबंधन की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है।


वहीं, सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में इस बार कई उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। जेडीयू के आनंद पुष्कर के अलावा रामपुकार सिन्हा और अन्य उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होना है। जन सुराज समर्थित अफाक अहमद भी चुनाव मैदान में हैं, जबकि राजद की ओर से प्रो. जयराम यादव का नाम सामने आया है। ऐसे में अलग-अलग दलों और नेताओं की सक्रियता ने चुनावी माहौल को और गर्म कर दिया है।


अब सबसे ज्यादा नजर रालोमो नेतृत्व की अगली रणनीति पर है। पार्टी के तीन विधायकों के खुलकर रामपुकार सिन्हा के समर्थन में आने के बाद उपेंद्र कुशवाहा इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाते हैं, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल माधव आनंद के बयान से इतना स्पष्ट है कि विधायकों का यह कदम सरकार से समर्थन वापस लेने का ऐलान नहीं है, बल्कि वे इसे पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मान और रामपुकार सिन्हा के समर्थन से जोड़कर देख रहे हैं।