Bihar News : बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और राजद नेता राबड़ी देवी को पटना स्थित सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड खाली करने के लिए 15 जून तक का समय दिया गया था। सोमवार को इस मोहलत का अंतिम दिन है, ऐसे में बिहार की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या लालू परिवार तय समय सीमा के भीतर इस आवास को खाली करेगा या फिर नया विवाद खड़ा होगा।
राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार पिछले करीब दो दशकों से 10 सर्कुलर रोड स्थित इस सरकारी आवास में रह रहा है। हाल ही में राज्य सरकार द्वारा जारी नोटिस के बाद इस बंगले को खाली करने की प्रक्रिया शुरू हुई। हालांकि, इस मुद्दे ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
इस बीच लालू प्रसाद यादव की बड़ी बेटी और सांसद मीसा भारती ने कुछ दिन पहले कहा था कि परिवार निर्धारित समय सीमा से पहले ही बंगला खाली कर देगा। उनके इस बयान के बाद माना जा रहा है कि सोमवार को आवास खाली करने की प्रक्रिया पूरी हो सकती है।
39 हार्डिंग रोड आवास हुआ आवंटित
राबड़ी देवी को बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष होने के नाते 39 हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित किया गया है। बताया जा रहा है कि परिवार के रहने की नई व्यवस्था इसी आवास और अन्य निजी परिसरों में की जा रही है इसी दौरान सुरक्षा को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। राबड़ी देवी, लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सुरक्षा में कटौती का आरोप लगाते हुए अपनी सरकारी सुरक्षा वापस कर दी थी। इसके बाद राजद कार्यकर्ता स्वयं सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालते हुए आवास के बाहर तैनात रहने लगे।
कौटिल्य नगर स्थित बंगले का किया निरीक्षण
सूत्रों के अनुसार राबड़ी देवी ने हाल ही में कौटिल्य नगर स्थित एक नए बंगले का निरीक्षण भी किया था। बताया जा रहा है कि यह बंगला पूरी तरह तैयार है और परिवार के कुछ सदस्य वहां शिफ्ट हो सकते हैं। इसी कारण यह माना जा रहा है कि 10 सर्कुलर रोड आवास खाली करने में अब कोई बड़ी बाधा नहीं है।
हालांकि कुछ दिन पहले राबड़ी देवी ने सरकार के नोटिस पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि वे आवास खाली नहीं करेंगी और यदि सरकार चाहती है तो बल प्रयोग कर बंगला खाली करा सकती है। उनके इस बयान के बाद मामला राजनीतिक बहस का विषय बन गया था।
नोटिस के बाद प्रशासन भी हुआ सक्रिय
बंगला खाली कराने की प्रक्रिया को लेकर प्रशासन भी सक्रिय रहा है। पटना पुलिस और संबंधित विभाग के अधिकारियों ने आवास पर पहुंचकर परिवार से निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकारी बंगला खाली करने का अनुरोध किया था। इसके बाद लगातार इस मामले पर नजर रखी जा रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि 10 सर्कुलर रोड सिर्फ एक सरकारी आवास नहीं बल्कि बिहार की राजनीति का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी के लंबे राजनीतिक सफर की कई अहम घटनाएं इसी आवास से जुड़ी रही हैं।
अब सभी की निगाहें सोमवार पर टिकी हैं। यदि लालू परिवार तय समय सीमा के भीतर बंगला खाली कर देता है तो यह एक लंबे विवाद का शांतिपूर्ण अंत होगा। वहीं यदि ऐसा नहीं होता है तो सरकार और राजद के बीच नया राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।



