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Bihar News : बांकीपुर जीतते ही प्रशांत किशोर का बड़ा खुलासा! बोले- BJP के बड़े वर्ग ने दिया साथ, टूट गई जाति और दल की दीवार

बांकीपुर उपचुनाव जीतने के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि भाजपा के बड़े वर्ग ने उनका साथ दिया। उन्होंने जीत को जाति-धर्म से ऊपर उठकर मिले जनसमर्थन का परिणाम बताया।

Bihar News : बांकीपुर जीतते ही प्रशांत किशोर का बड़ा खुलासा! बोले- BJP के बड़े वर्ग ने दिया साथ, टूट गई जाति और दल की दीवार
Tejpratap
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Bihar News : बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अपनी जीत को बिहार की राजनीति में बदलाव का संकेत बताया है। उन्होंने दावा किया कि इस चुनाव में मतदाताओं ने जाति, धर्म और पारंपरिक राजनीतिक निष्ठा से ऊपर उठकर मतदान किया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक बड़े वर्ग ने भी उनकी जीत में अहम भूमिका निभाई।


प्रशांत किशोर ने एक मीडिया बातचीत में कहा कि पिछले तीन वर्षों से वे लगातार जनता के बीच काम कर रहे थे और लोगों ने उनके प्रयासों पर भरोसा जताया। उनके मुताबिक, चुनाव से पहले कराए गए सर्वे में भी यह संकेत मिला था कि यदि वे खुद मैदान में उतरेंगे तो मतदाता जातीय और राजनीतिक सीमाओं से ऊपर उठकर उन्हें समर्थन देंगे।


उन्होंने कहा कि बांकीपुर का जनादेश केवल एक उम्मीदवार की जीत नहीं, बल्कि पारंपरिक राजनीति के खिलाफ लोगों के बदलते नजरिए का संदेश है। उनके अनुसार, इस चुनाव में विभिन्न दलों के समर्थकों ने भी उन्हें वोट दिया। उन्होंने दावा किया कि जेडीयू, कांग्रेस और राजद के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ भाजपा के एक बड़े वर्ग ने भी उनका समर्थन किया।


भाजपा पर साधा निशाना

जीत के बाद प्रशांत किशोर ने भाजपा की चुनावी रणनीति पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि भाजपा ने अपने संगठन और नेतृत्व स्तर पर गलतियां नहीं की होतीं तो उसके समर्थक दूसरे विकल्प की ओर नहीं जाते।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा लंबे समय से केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर चुनाव लड़ने की रणनीति अपनाती रही है। उनके मुताबिक, जब केवल इसी रणनीति से अपेक्षित परिणाम नहीं मिले तो मतदाताओं ने बदलाव का फैसला किया। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के नेतृत्व को लेकर भाजपा के फैसलों से कुछ मतदाता निराश हुए, जिसका असर उपचुनाव में दिखाई दिया।


सभी बूथों पर बढ़त का दावा

प्रशांत किशोर ने दावा किया कि उन्हें बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र के सभी 422 मतदान केंद्रों पर बढ़त मिली। उनके अनुसार, यह इस बात का संकेत है कि समाज के हर वर्ग ने उन्हें समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि उनकी जीत को किसी एक जाति या वर्ग से जोड़कर देखना सही नहीं होगा, क्योंकि उन्हें व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ। उन्होंने इस जीत को "भाजपा के अहंकार पर जनता की जीत" बताते हुए कहा कि यह परिणाम बिहार की राजनीति में नए विकल्प की स्वीकार्यता को दर्शाता है।


भाजपा ने शुरू की हार की समीक्षा

दूसरी ओर, बांकीपुर जैसी परंपरागत सीट गंवाने के बाद भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रदेश मुख्यालय में आयोजित बैठक में चुनाव प्रचार, बूथ प्रबंधन और संगठन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।बैठक में प्रदेश नेतृत्व, मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक और चुनावी जिम्मेदारी संभालने वाले नेताओं ने हिस्सा लिया। सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने हार के कारणों का विश्लेषण करते हुए भविष्य की रणनीति को और मजबूत बनाने पर जोर दिया है।बांकीपुर उपचुनाव का परिणाम अब केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिहार की आगामी राजनीतिक दिशा और दलों की रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।