ब्रेकिंग
सहरसा में कफ सिरप तस्कर को 10 साल की सजा, 5 लाख रुपये का भी जुर्मानाEO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानासहरसा में कफ सिरप तस्कर को 10 साल की सजा, 5 लाख रुपये का भी जुर्मानाEO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्माना

Prashant Kishor Arrest : सिविल कोर्ट में पेशी के बाद प्रशांत किशोर को PR बॉन्ड पर मिली बेल, सुबह 4 बजे ही पुलिस ने किया था अरेस्ट

Prashant Kishor Arrest: अनशन पर बैठे प्रशांत किशोर को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, उसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। अब कोर्ट ने इन्हें PR बॉन्ड पर बेल मिल गई है

Prashant Kishor Arrest:
Prashant Kishor Arrest:
© REPOTER
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

Prashant Kishor Arrest: बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) 70वीं पीटी परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर अनशन पर बैठे जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर को पटना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।  उसके बाद पटना पुलिस ने उन्हें सिविल कोर्ट में पेश किया और वहां से उन्हें PR बॉन्ड पर जमानत दे दी गई है। हालांकि, प्रशांत किशोर को 25 हजार के निजी मुचलके पर जमानत दी गई है। 


जानकारी के मुताबिक, जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर को पुलिस पटना फतुहा से सीधे पटना के बांकीपुर सिविल कोर्ट लेकर आई। इसके बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। जहां कोर्ट ने पुलिस और प्रशांत किशोर की बात सुनने के बाद 25 हजार के PR बॉन्ड पर जमानत दे दी। इससे पहले फतुहा अस्पताल में पीके का मेडिकल चेकअप कराया गया। जन सुराज पार्टी ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि एम्स प्रशासन ने पीके का मेडिकल चेकअप कराने से इनकार कर दिया था, इसलिए पुलिस उन्हें एंबुलेंस में लेकर सुबह से घूमती रही।


दरअसल, पीके 02 जनवरी से गांधी मैदान में धरना पर बैठे हुए थे जबकि गांधी मैदान धरना देने के लिए प्रतिबंधित है। गर्दनीबाग धरना स्थल पर जाने के लिए प्रशासन ने नोटिस दिया था, जिसके बाद कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि 43 लोगों को हिरासत में लिया गया है और 15 गाड़ियों को सीज किया गया है। 43 में से 30 लोगों का वेरीफिकेशन किया है। 4 लोग राज्य से बाहर हैं केवल 5 लोग पटना के हैं। बचे हुए लोग प्रदेश के अन्य जिलों से हैं।