ब्रेकिंग
जन्माष्टमी मेला देखकर लौट रहा था नाबालिग छात्र, घर के पास झगड़ा देखने रुका... तभी सीने में दागी गोलीमेला से दुकान बंद कर लौट रहे दुकानदार की गोली मारकर हत्या, परिजनों ने पड़ोसी पर जताया शकBihar News : राजगीर-सासाराम में बनेंगे नए रेल पुलिस अनुमंडल, राजेंद्र नगर टर्मिनल समेत 3 नए थाने; बिहार में बड़ा विस्तारBihar News : चार दिन बाद खत्म हुआ ट्रेन संकट! पटना-गया रूट पर आज से परिचालन शुरू, लेकिन रहेगी ये बड़ी पाबंदीबिहार के सरकारी स्कूलों में अब प्लेसमेंट की सुविधा, 12वीं के बाद सीधे नौकरी का मौका; सरकार का बड़ा प्लानजन्माष्टमी मेला देखकर लौट रहा था नाबालिग छात्र, घर के पास झगड़ा देखने रुका... तभी सीने में दागी गोलीमेला से दुकान बंद कर लौट रहे दुकानदार की गोली मारकर हत्या, परिजनों ने पड़ोसी पर जताया शकBihar News : राजगीर-सासाराम में बनेंगे नए रेल पुलिस अनुमंडल, राजेंद्र नगर टर्मिनल समेत 3 नए थाने; बिहार में बड़ा विस्तारBihar News : चार दिन बाद खत्म हुआ ट्रेन संकट! पटना-गया रूट पर आज से परिचालन शुरू, लेकिन रहेगी ये बड़ी पाबंदीबिहार के सरकारी स्कूलों में अब प्लेसमेंट की सुविधा, 12वीं के बाद सीधे नौकरी का मौका; सरकार का बड़ा प्लान

PMCH में डॉक्टरों की मनमानी पर लगाम! सुबह 9 से शाम 5 बजे तक अस्पताल में रहना होगा जरूरी, इमरजेंसी मरीजों के लिए भी सख्त आदेश

पटना PMCH की व्यवस्था सुधारने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब सभी डॉक्टरों को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक अस्पताल में रहना होगा। इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों को दिन में कम से कम दो बार मरीजों का राउंड करना होगा।

PMCH में डॉक्टरों की मनमानी पर लगाम! सुबह 9 से शाम 5 बजे तक अस्पताल में रहना होगा जरूरी, इमरजेंसी मरीजों के लिए भी सख्त आदेश
Tejpratap
Tejpratap
6 मिनट

PMCH Patna : पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। अस्पताल की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए अब डॉक्टरों की उपस्थिति से लेकर इमरजेंसी सेवाओं और आयुष्मान भारत योजना तक, कई स्तरों पर निगरानी और जवाबदेही बढ़ाई जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि पीएमसीएच में कार्यरत सभी डॉक्टरों को राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) के निर्धारित मानकों के अनुरूप सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहना होगा। विभाग के इस फैसले का सीधा उद्देश्य अस्पताल आने वाले मरीजों को डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और इलाज के लिए होने वाली परेशानियों को कम करना है।

औचक निरीक्षण में सामने आईं व्यवस्थाओं की कई अहम बातें

मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, विशेष सचिव अरविन्द वर्मा और बीएमएसआइसीएल के प्रबंध निदेशक सुब्रत सेन ने पीएमसीएच परिसर का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अस्पताल में चल रही विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, निर्माण कार्यों और मरीजों से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं को और प्रभावी बनाने को लेकर कई निर्देश दिए। खास तौर पर इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने और गंभीर मरीजों की नियमित निगरानी पर जोर दिया गया।

इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों को दिन में दो बार करना होगा राउंड

पीएमसीएच की इमरजेंसी सेवाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। जिन यूनिटों में इमरजेंसी वार्ड संचालित हो रहे हैं, वहां तैनात डॉक्टरों को हर दिन कम से कम दो बार मरीजों का राउंड करना अनिवार्य होगा।इस दौरान डॉक्टर मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की जांच करेंगे और जरूरत के अनुसार उपचार में बदलाव या आगे की चिकित्सकीय कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। विभाग का मानना है कि नियमित राउंड से गंभीर मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सकेगी और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।

डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए विभाग ने मांगी रिक्तियों की सूची

पीएमसीएच में डॉक्टरों की कमी भी लंबे समय से एक महत्वपूर्ण चुनौती रही है। स्वास्थ्य विभाग अब इस समस्या के समाधान की दिशा में तेजी से काम करने की तैयारी में है। स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने अस्पताल के अधीक्षक से चर्चा के बाद सभी खाली पड़े डॉक्टरों के पदों की अधियाचना यानी रिक्ति सूची तत्काल विभाग को भेजने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि रिक्त पदों की जानकारी मिलने के बाद विभाग नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठा सकता है। इससे पीएमसीएच में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने और मरीजों पर पड़ रहे अतिरिक्त चिकित्सकीय दबाव को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

नए ओपीडी और दवा केंद्र के काम की भी हुई समीक्षा

औचक निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने अस्पताल में बन रहे नए ओपीडी, पंजीकरण काउंटर और दवा वितरण केंद्र की प्रगति की भी जानकारी ली। निर्माण कार्यों को लेकर अधिकारियों ने संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिए।निर्माण एजेंसी एलएंडटी और बीएमएसआइसीएल के प्रतिनिधियों से कहा गया कि निर्माण कार्य में सुरक्षा, गुणवत्ता और निर्धारित समय सीमा का पूरी तरह पालन होना चाहिए। मरीजों की बड़ी संख्या को देखते हुए अस्पताल में बनने वाली नई सुविधाओं को जल्द से जल्द उपयोग में लाने पर भी जोर दिया गया।

आयुष्मान मरीजों को नहीं होगी परेशानी, जल्द तैनात होंगे आयुष्मान मित्र

पीएमसीएच में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए भी राहत की तैयारी है। बैठक के दौरान विशेष सचिव सह आयुष्मान भारत योजना के प्रभारी अरविन्द वर्मा ने अस्पताल में जल्द ही कुशल आयुष्मान मित्रों की तैनाती करने का निर्देश दिया।

आयुष्मान मित्र मरीजों को योजना से जुड़ी प्रक्रियाओं की जानकारी देने, कागजी कार्रवाई में सहायता करने और उपचार के दौरान आने वाली दिक्कतों को दूर करने में मदद करेंगे। विभाग का लक्ष्य है कि पात्र मरीजों को योजना का लाभ लेने में अनावश्यक परेशानी न हो और अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया अधिक सुगम बने।

डॉक्टरों और कर्मियों के लिए होगी विशेष कार्यशाला

आयुष्मान भारत योजना के तकनीकी पहलुओं को लेकर डॉक्टरों और अस्पताल कर्मियों के लिए विशेष कार्यशालाएं भी आयोजित की जाएंगी। इन कार्यशालाओं के माध्यम से कर्मचारियों को योजना के नियम, प्रक्रिया और तकनीकी व्यवस्था की जानकारी दी जाएगी।

इसके अलावा अस्पताल में दवाओं की उपलब्धता को लेकर भी अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई। दवाओं की आपूर्ति में आने वाली समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अमृत फार्मा के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।

मरीजों को बेहतर इलाज देने पर पूरा फोकस

स्वास्थ्य विभाग के इन फैसलों से साफ है कि पीएमसीएच की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर अब निगरानी और जवाबदेही दोनों बढ़ाई जा रही हैं। डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति, इमरजेंसी में दिन में दो बार मरीजों का राउंड, खाली पदों को भरने की तैयारी, नए ओपीडी और दवा केंद्र का निर्माण तथा आयुष्मान मित्रों की तैनाती जैसे कदमों का सीधा असर मरीजों की सुविधाओं पर पड़ सकता है।

पीएमसीएच बिहार के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल है और यहां बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की ओर से उठाए गए इन कदमों से अस्पताल की सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और मरीज-केंद्रित बनाने की उम्मीद है।