ब्रेकिंग
बिहार के इस जिले की 17 सड़कों की बदलेगी तस्वीर, 108 करोड़ से होगा काम; जानें इनमें कौन-कौन सी सड़कें शामिल मदरसे में 9 साल की छात्रा की संदिग्ध मौत से सनसनी, गले पर मिले गंभीर निशान; 3 अन्य छात्राओं की हालत नाजुकInstagram पर शुरू हुई दोस्ती, प्यार का झांसा देकर बुलाया... फिर युवक का अपहरण, मांगी 27 लाख की रंगदारीजन्माष्टमी मेला देखकर लौट रहा था नाबालिग छात्र, घर के पास झगड़ा देखने रुका... तभी सीने में दागी गोलीमेला से दुकान बंद कर लौट रहे दुकानदार की गोली मारकर हत्या, परिजनों ने पड़ोसी पर जताया शकबिहार के इस जिले की 17 सड़कों की बदलेगी तस्वीर, 108 करोड़ से होगा काम; जानें इनमें कौन-कौन सी सड़कें शामिल मदरसे में 9 साल की छात्रा की संदिग्ध मौत से सनसनी, गले पर मिले गंभीर निशान; 3 अन्य छात्राओं की हालत नाजुकInstagram पर शुरू हुई दोस्ती, प्यार का झांसा देकर बुलाया... फिर युवक का अपहरण, मांगी 27 लाख की रंगदारीजन्माष्टमी मेला देखकर लौट रहा था नाबालिग छात्र, घर के पास झगड़ा देखने रुका... तभी सीने में दागी गोलीमेला से दुकान बंद कर लौट रहे दुकानदार की गोली मारकर हत्या, परिजनों ने पड़ोसी पर जताया शक

Bihar MLC Election : बैठक भी नहीं बदल पाई अनंत सिंह का रुख! JDU में नीरज कुमार के लिए खड़ी हुई मुश्किल, अनुज सिंह के समर्थन पर अड़े मोकामा विधायक

पटना स्नातक सीट को लेकर JDU में जारी खींचतान खत्म नहीं हुई है। नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह के रुख के बाद पार्टी में बैठक हुई, लेकिन इसके बाद भी अनंत सिंह अनुज सिंह के समर्थन में नजर आए।

Bihar MLC Election : बैठक भी नहीं बदल पाई अनंत सिंह का रुख! JDU में नीरज कुमार के लिए खड़ी हुई मुश्किल, अनुज सिंह के समर्थन पर अड़े मोकामा विधायक
Tejpratap
Tejpratap
6 मिनट

पटना : बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर सियासी खींचतान कम होने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी के मौजूदा MLC और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार के खिलाफ मोकामा विधायक अनंत सिंह के खुलकर मोर्चा लेने के बाद पार्टी में डैमेज कंट्रोल की कोशिश भी हुई, लेकिन इसके बावजूद अनंत सिंह अपने रुख से पीछे हटते नजर नहीं आ रहे हैं।

अनंत सिंह ने पहले ही साफ कर दिया था कि वह पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे, बल्कि डॉ. अनुज सिंह के साथ खड़े रहेंगे। उनके इस ऐलान के बाद JDU खेमे में हलचल तेज हुई और मामला पार्टी के स्तर तक पहुंचा।

अनंत सिंह और नीरज कुमार की बंद कमरे में बैठक

इसी विवाद को लेकर 7 सितंबर को अनंत सिंह और JDU MLC नीरज कुमार पार्टी कार्यालय पहुंचे थे। दोनों नेताओं की JDU प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा के साथ करीब 35 मिनट तक बंद कमरे में बैठक हुई। माना गया कि इस बैठक में दोनों नेताओं के बीच चल रहे विवाद और पटना स्नातक सीट को लेकर पैदा हुई स्थिति पर चर्चा हुई। पार्टी के भीतर यह कोशिश मानी जा रही थी कि मामले को सुलझाया जाए और चुनाव से पहले JDU में किसी तरह की सार्वजनिक खींचतान न दिखे। लेकिन बैठक के बाद तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आई।

बैठक से बाहर निकलने के बाद अनंत सिंह ने मीडिया से कोई बात नहीं की और चुपचाप पार्टी कार्यालय से निकल गए। दूसरी ओर नीरज कुमार ने अपने बयान में कहा कि पहले अनंत सिंह ने क्या कहा, उससे उन्हें मतलब नहीं है। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि आज उन्होंने कुछ कहा क्या? वह मेरे सपोर्ट में हैं।

बैठक के बाद भी नहीं बदला अनंत सिंह का रुख

पार्टी स्तर पर बैठक होने के बावजूद अनंत सिंह के तेवर में बदलाव दिखाई नहीं दिया। मंगलवार देर शाम वह अपने समर्थित प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के साथ बिहटा पहुंच गए। दोनों स्वतंत्रता सेनानी स्व. जगदीश सिंह की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। इस दौरान अनुज सिंह ने मंच से अपने चुनाव लड़ने को लेकर बड़ा बयान दिया।

अनुज सिंह ने कहा कि उन्हें ‘दादा’ यानी अनंत सिंह का आशीर्वाद और समर्थन मिल चुका है। अब उन्हें सिर्फ जनता के आशीर्वाद की जरूरत है। उन्होंने साफ कहा कि वह हर हाल में चुनाव लड़ेंगे। यानी जिस विवाद को पार्टी की बैठक के जरिए शांत कराने की कोशिश होती दिखी थी, उसके बाद भी अनंत सिंह सार्वजनिक तौर पर अनुज सिंह के साथ खड़े नजर आए।

नीरज कुमार के लिए बढ़ती चुनौती

अनंत सिंह का यह रुख नीरज कुमार के लिए राजनीतिक चुनौती बढ़ा सकता है। मामला सिर्फ दो नेताओं की व्यक्तिगत खींचतान तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब इसका सीधा असर पटना स्नातक सीट के चुनावी समीकरण पर पड़ने की चर्चा शुरू हो गई है।

एक तरफ पार्टी के मौजूदा MLC और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार हैं, वहीं दूसरी तरफ अनंत सिंह अपने समर्थित उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। बिहटा में भी अनंत सिंह का अनुज सिंह के साथ पहुंचना और उनके समर्थन में खड़ा होना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि बैठक के बावजूद समझौते की कोशिश फिलहाल सफल नहीं हुई है।

JDU के अंदर क्या चल रहा है?

इस पूरे घटनाक्रम ने JDU के सामने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। आखिर पार्टी के अंदर हुई बैठक के बाद भी अनंत सिंह अपने फैसले से पीछे क्यों नहीं हटे? अनंत सिंह पहले ही नीरज कुमार को समर्थन नहीं देने की बात कह चुके हैं। इसके बाद पार्टी नेतृत्व के साथ बंद कमरे में बैठक हुई। लेकिन बैठक के कुछ ही समय बाद वह अनुज सिंह के साथ सार्वजनिक मंच पर दिखाई दिए और अनुज सिंह ने भी खुलकर कहा कि उन्हें अनंत सिंह का समर्थन मिल चुका है।इससे साफ है कि पटना स्नातक सीट को लेकर JDU के भीतर की खींचतान अभी थमी नहीं है।

‘दादा का आशीर्वाद’... क्या संकेत दे रहे अनुज सिंह?

अनुज सिंह का यह कहना कि उन्हें अनंत सिंह का आशीर्वाद मिल चुका है, इस पूरे राजनीतिक घटनाक्रम में सबसे अहम माना जा रहा है। क्योंकि पार्टी में बैठक होने के बाद भी अगर अनंत सिंह अपने समर्थित उम्मीदवार के साथ मैदान में उतरते हैं, तो इसका मतलब है कि उन्होंने फिलहाल अपना रुख बदलने के संकेत नहीं दिए हैं।

अब देखना होगा कि आने वाले दिनों में JDU नेतृत्व इस विवाद को किस तरह संभालता है और अनंत सिंह को नीरज कुमार के समर्थन में लाने में कामयाब होता है या नहीं। फिलहाल तस्वीर यही है—बैठक हुई, बात हुई, लेकिन अनंत सिंह माने नहीं। और पटना स्नातक सीट को लेकर JDU की अंदरूनी सियासत लगातार गरमाती जा रही है।