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PMCH में जूनियर डॉक्टरों का बड़ा आंदोलन, आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल, जानें कौन-कौन सी सेवाएं रहेंगी बंद

PMCH Junior Doctors Strike: पटना के पीएमसीएच में जूनियर डॉक्टरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल का असर अस्पताल की कई सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहा है, जबकि इमरजेंसी सेवाएं पहले की तरह जारी...

PMCH में जूनियर डॉक्टरों का बड़ा आंदोलन, आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल, जानें कौन-कौन सी सेवाएं रहेंगी बंद
Ramakant kumar
2 मिनट

 PMCH Junior Doctors Strike: राजधानी पटना के पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में जूनियर डॉक्टरों ने 7 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है. जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन (JDA) का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके कारण उन्हें हड़ताल का फैसला लेना पड़ा. हड़ताल का असर अस्पताल की सामान्य स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ना शुरू हो गया है.


जेडीए के अनुसार, हड़ताल के दौरान ओपीडी, सामान्य वार्ड और सामान्य ऑपरेशन थिएटर की सेवाएं प्रभावित रहेंगी. हालांकि गंभीर मरीजों को परेशानी न हो, इसके लिए इमरजेंसी, आईसीयू, लेबर रूम, इमरजेंसी ऑपरेशन थिएटर और अन्य जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं पहले की तरह चालू रहेंगी.


जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में डॉक्टरों की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त व्यवस्था नहीं है. इसके अलावा कई जरूरी दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की कमी भी बनी हुई है. उनका आरोप है कि अस्पताल में आधारभूत सुविधाओं का भी अभाव है, जिससे डॉक्टरों और मरीजों दोनों को परेशानी होती है.


डॉक्टरों ने यह भी कहा कि रेजिडेंट डॉक्टरों के स्टाइपेंड और सीनियर रेजिडेंट के संशोधित वेतन का भुगतान लंबे समय से लंबित है. जनवरी 2026 से लागू होने वाला वेतन और स्टाइपेंड अब तक नहीं मिलने से डॉक्टरों में नाराजगी बढ़ती जा रही है.


जूनियर डॉक्टर्स एसोसिएशन ने सरकार और अस्पताल प्रशासन से डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए मजबूत व्यवस्था करने, अस्पताल में जरूरी दवाएं और उपकरण उपलब्ध कराने, डॉक्टरों पर हमले के मामलों में तुरंत कानूनी कार्रवाई करने और लंबित स्टाइपेंड व वेतन का भुगतान जल्द करने की मांग की है.


हड़ताल की वजह से रोजाना इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी ओपीडी और सामान्य वार्ड में हो सकती है. हालांकि अस्पताल प्रशासन की ओर से गंभीर मरीजों के इलाज के लिए सभी आपातकालीन सेवाएं पहले की तरह जारी रखने का दावा किया गया है.