1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sun, 08 Feb 2026 03:20:29 PM IST
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल - फ़ोटो सोशल मीडिया
PATNA:पटना में बच्चों से सिर पर किताबों के बंडल ढुलवाये जाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद बीईओ ने मामले की जांच के आदेश दिये हैं। बताया जाता है कि जो बंडल बच्चों से ढुलवाया गया वह किताब पांचवीं कक्षा से सातवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को स्कूलों में मुफ्त दिया जाता है। सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है। वायरल इस वीडियो की पुष्टि फर्स्ट बिहार नहीं करता है।
लेकिन वायरल वीडियो के बारे में बताया जाता है कि किताबों का बंडल पटना से सटे बाढ़ अनुमंडल स्थित एकडंगा पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय मसत्थू की है। जिसे बच्चे अपने सिर पर रखकर स्कूल पहुंचा रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। किताबों के बंडल को बाढ़ प्रखंड के संकुल कार्यालय से ई-रिक्शा के जरिये यहां लाया गया था। बताया जाता है कि ई-रिक्शा चालक ने किताबों के बंडल को स्कूल के अंदर ले जाने से मना कर दिया था।
जिसके बाद इन किताबों को अपने-अपने सिर पर रखकर स्कूल ले जाने का निर्देश बच्चों को दिया गया था। गुरुजी की आज्ञा का पालन करते हुए बच्चों ने इसे स्कूल तक पहुंचाया। इन बच्चों की उम्र कम है, इसके बावजूद इन्हें माथे पर रखकर इसे स्कूल पहुंचाने को कहा गया था। इस बात की जानकारी मिलने के बाद स्कूल के प्रभारी मो. शकील अहमद मौके पर पहुंचे तो देखा कि ई-रिक्शा चालक माथे पर लादकर किताबें स्कूल में ले जाते इन बच्चों का वीडियो बना रहा है।
फिर उन्होंने ई-रिक्शा चालक से कहा कि इन किताबों को स्कूल में पहुंचाओंगे तभी पेमेंट करेंगे। लेकिन कक्षा 8 में पढ़ने वाले छात्र शिवम का कुछ और ही कहना था। उसने बताया कि स्कूल के प्रभारी शकील अहमद ने ही बच्चों को माथे पर किताबों के बंडल को उठाकर स्कूल पहुंचाने को कहा था। उनकी आज्ञा का पालन हम लोगों ने किया है। बच्चों से सिर पर किताबों का बंडल ढुलवाने का वीडियो वायरल होने के बाद प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अमित कुमार ने कहा कि स्कूल के प्रभारी शकील अहमद से इस संबंध में पूछताछ की जाएगी।
उनसे पूछा जाएगा कि किन परिस्थितियों में उन्होंने बच्चों से किताबें माथे पर ढुलवाई। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में बच्चे स्कूल ड्रेस में नहीं दिख रहे हैं। इसलिए यह कहना मुश्किल होगा कि कि ये बच्चे स्कूल के छात्र है भी या नहीं। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद वायरल वीडियो के आधार पर विधालय प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वायरल वीडियो की जांच की जा रही है।