1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 24 Jan 2026 09:35:49 AM IST
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Patna e-challan : पटना में सड़क किनारे मनमानी पार्किंग अब महंगी पड़ने वाली है। राजधानी में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड (PSCL) ने तकनीक के जरिए नो-पार्किंग पर सख्ती शुरू कर दी है। अब अगर कोई वाहन नो-पार्किंग जोन में खड़ा मिलता है तो ट्रैफिक पुलिस के सामने जाकर चालान कटवाने की जरूरत नहीं होगी। कैमरा नंबर प्लेट पढ़कर वाहन की पहचान करेगा और सीधे वाहन मालिक के मोबाइल पर ई-चालान भेज दिया जाएगा।
52 दिनों में 4806 मामले, आधे से ज्यादा पर कार्रवाई
PSCL के आंकड़ों के अनुसार 1 दिसंबर से 22 जनवरी तक नो-पार्किंग में वाहन खड़ा करने के 4806 मामले सामने आए। इनमें से 2371 मामलों में वाहन नंबर की पहचान कर ई-चालान जारी किया गया। दिसंबर महीने में 2669 वाहन नो-पार्किंग में पकड़े गए, जिनमें 793 का चालान कटा। वहीं जनवरी में 2137 मामले सामने आए और 1578 वाहनों पर कार्रवाई हुई। यह स्पष्ट संकेत है कि निगरानी बढ़ने के साथ नियम तोड़ने वालों पर शिकंजा कसता जा रहा है।
हर प्रमुख सड़क पर कैमरों की पैनी नजर
शहर की उन सड़कों पर जहां सबसे ज्यादा जाम और अव्यवस्था रहती है, वहां रियल टाइम मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है। नेहरू पथ, बोरिंग रोड, कंकड़बाग, राजाबाजार, फ्रेजर रोड, एग्जीबिशन रोड, पटना जंक्शन इलाका और गांधी मैदान जैसे व्यस्त क्षेत्रों में चौबीसों घंटे कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसका उद्देश्य सिर्फ चालान काटना नहीं है, बल्कि अवैध पार्किंग को रोककर ट्रैफिक जाम को कम करना और यातायात को सुचारु बनाना है।
स्मार्ट सिटी का मिशन: ट्रैफिक में अनुशासन
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एमडी यशपाल मीणा के निर्देश पर 28 नवंबर 2025 से लगाए गए कैमरों का इस्तेमाल अब चालान काटने में भी किया जा रहा है। पटना सीटी कमीश्नर ने साफ निर्देश दिए हैं कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ तकनीक के जरिए त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई की जा रही है।
ई-चालान से बदलेगा ट्रैफिक कल्चर
ई-चालान की यह व्यवस्था सिर्फ दंडात्मक कदम नहीं है, बल्कि शहर में ट्रैफिक कल्चर बदलने की कोशिश भी है। अब ड्राइवर यह नहीं सोच सकते कि थोड़ी देर के लिए गाड़ी खड़ी कर देने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा। कैमरा हर पल एक्टिव है और हर गलती रिकॉर्ड हो रही है। इससे लोगों में नियमों के प्रति डर के साथ-साथ जिम्मेदारी का भाव भी बढ़ेगा।
जाम से राहत की उम्मीद
नो-पार्किंग में खड़ी गाड़ियां अक्सर जाम की सबसे बड़ी वजह बनती हैं। जब सड़क का एक हिस्सा पार्किंग में तब्दील हो जाता है, तो यातायात अपने आप बाधित हो जाता है। स्मार्ट सिटी की यह पहल अगर सख्ती से लागू होती रही, तो आने वाले दिनों में पटना की सड़कों पर जाम कम होगा, ट्रैफिक ज्यादा व्यवस्थित होगा और राजधानी को एक स्मार्ट और अनुशासित शहर बनाने की दिशा में यह एक मजबूत कदम साबित होगा।