ब्रेकिंग
सहरसा में कफ सिरप तस्कर को 10 साल की सजा, 5 लाख रुपये का भी जुर्मानाEO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्मानासहरसा में कफ सिरप तस्कर को 10 साल की सजा, 5 लाख रुपये का भी जुर्मानाEO विमल हत्याकांड: CM से मिली मृतक की पत्नी, सम्राट चौधरी ने स्पीडी ट्रायल चलाने का दिया निर्देशपरिवार में एक सदस्य सरकारी नौकरी में तो दूसरे को नहीं मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति, पटना हाई कोर्ट का अहम फैसलामंत्री दीपक प्रकाश बने MLC,प्रस्ताव पर राज्यपाल ने दी सहमति, उपेंद्र कुशवाहा बोले..यह तो होना ही थाबिहार में गंगा नदी में प्रदूषण पर NGT सख्त, गंदा पानी बहाने वाले शहरों से वसूला जाएगा जुर्माना

पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए 75 एकड़ जमीन की जरूरत, इन दो जगहों पर होगा अधिग्रहण

PATNA : राजधानी में पटना मेट्रो का काम बहुत तेजी से चल रहा है. जल्द ही डिपो के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई भी शुरू की जायेगी. जमीन अधिग्रहण को लेकर एक सप्ताह से 15 दिन के अंदर अध

पटना मेट्रो प्रोजेक्ट के लिए 75 एकड़ जमीन की जरूरत, इन दो जगहों पर होगा अधिग्रहण
First Bihar
2 मिनट

PATNA : राजधानी में पटना मेट्रो का काम बहुत तेजी से चल रहा है. जल्द ही डिपो के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई भी शुरू की जायेगी. जमीन अधिग्रहण को लेकर एक सप्ताह से 15 दिन के अंदर अधिसूचना जारी की जायेगी. इसके बाद यह तय हो जायेगा कि किस मौजा में पटना मेट्रो का डिपो बनाया जायेगा.


जानकारी के अनुसार अंतरराज्यीय बस टर्मिनल के पास रानीपुर मौजा और पहाड़ी मौजा में करीब 75 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जायेगा. जमीन अधिग्रहण का काम जिला प्रशासन की ओर से किया जाना है.


डिपो की जमीन के लिए स्थानीय किसानों की जमीन का अधिग्रहण होना है. नगर विकास और आवास विभाग की ओर से जिला प्रशासन को जमीन अधिग्रहण की अधियाचना पहले ही भेज दी गयी है. इसी के तहत जिला प्रशासन जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू करने जा रहा है. इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से जमीन कर्णांकित की जा चुकी है.


अधियाचना के बाद अब अधिसूचना जारी की जा रही है. इसके बाद जिला प्रशासन खसरा, खाता नंबर के साथ अधिग्रहण होने वाली जमीन की लिस्ट जारी करेगा. लिस्ट जारी होने के बाद किसान उसके अनुसार जमीन पर अपनी दावा-आपत्ति करेंगे. इसके निराकरण के लिए जिला स्तर पर जनसुनवाई होगी. फिर अंत में किसानों के खाते में राशि भेजी जायेगी.


बताया जा रहा है कि जमीन अधिग्रहण का काम पूरा करने में लगभग एक हजार करोड़ की राशि खर्च होने की संभावना है. राज्य सरकार की ओर से यह खर्च वहन किया जायेगा. गौरतलब है कि मेट्रो निर्माण के लिए 20% राशि राज्य सरकार और 20% राशि केंद्र सरकार की ओर से किया जा रहा है, जबकि बाकी 60% राशि जायका के माध्यम से लोन लिया जाना है.

टैग्स