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पटना के नेपाली नगर में नया निर्माण नहीं होगा, हाईकोर्ट ने आवास बोर्ड से नई कॉलोनी बनाने का ब्योरा मांगा

PATNA : पटना के राजीव नगर नेपाली नगर इलाके के लोगों को हाईकोर्ट ने पिछले दिनों राहत दी थी। मंगलवार को इस मामले में हाईकोर्ट में जब फिर से सुनवाई हुई तो कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि न

पटना के नेपाली नगर में नया निर्माण नहीं होगा, हाईकोर्ट ने आवास बोर्ड से नई कॉलोनी बनाने का ब्योरा मांगा
First Bihar
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PATNA : पटना के राजीव नगर नेपाली नगर इलाके के लोगों को हाईकोर्ट ने पिछले दिनों राहत दी थी। मंगलवार को इस मामले में हाईकोर्ट में जब फिर से सुनवाई हुई तो कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि नेपाली नगर इलाके में अब नए निर्माण की इजाजत नहीं होगी। नेपाली नगर में निर्माण कार्य पर पटना हाईकोर्ट ने पूरी तरह रोक लगा दी है। मंगलवार को नेपाली नगर मामले पर न्यायमूर्ति संदीप कुमार की एकलपीठ ने सुनवाई की। कोर्ट ने ये भी कहा है कि नया निर्माण कार्य कराने वालों के खिलाफ राज्य सरकार और आवास बोर्ड कानून के तहत कार्रवाई करे। हाईकोर्ट ने नये निर्माण कार्य में लगे मजदूरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के बजाय निर्माण कराने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की बात कही है। कोर्ट ने कहा कि पकड़े गये मजदूर को निजी मुचलकों पर थाने से ही छोड़ने का काम किया जाना चाहिए। 


उधर राज्य सरकार का पक्ष रखते महाधिवक्ता ललित किशोर ने भी कहा कि गरीब मजदूर पर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आवेदक के वकील और राज्य सरकार के वकील के बीच कई बार नोकझोंक हुई। आवेदक के वकील ने कहा कि लोकतंत्र में जनता ही सबकुछ है। जबकि राज्य सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि जिस योजना को लेकर आवेदक के वकील रिलीफ चाहते हैं वह उनके द्वारा ही बनाया गया है। 


मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आवास बोर्ड से यह भी जानना चाहा कि आवास बोर्ड ने अंतिम आवासीय कॉलोनी कब बनाई। कोर्ट ने पूछा कि पिछले तीस साल में कहां-कहां कॉलोनी बनाई गई है? कोर्ट ने आवास बोर्ड को इस पर जवाब देने की बात कही है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गृह निर्माण समितियों के पदाधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही। नेपाली नगर के तकरीबन चार सौ एकड जमीन को हाउसिंग बोर्ड के अधीन रहने दिया गया। हाउसिंग बोर्ड ने पूरी जमीन की घेराबंदी करने का जिम्मा एक निजी कम्पनी को दिया। निजी कम्पनी को किसी प्रकार का सहयोग नहीं किये जाने के कारण कम्पनी ने काम छोड़ दिया। इसी बीच लोग दीघा अर्जित भूमि बन्दोबस्ती योजना के मुताबिक घर बनाना शुरू कर दिये। कोर्ट इस मामले में गुरुवार को आगे की सुनवाई करेगा।

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