1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 20 Jan 2026 10:40:42 AM IST
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Patna hostel murder : राजधानी पटना के प्राइवेट होस्टल्स में छात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब औरंगाबाद की नाबालिग छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का मामला सामने आया है। यह घटना 6 जनवरी की है, लेकिन 13 दिन बाद 19 जनवरी को उजागर होने से मामले में साजिश की आशंका और भी बढ़ गई है। इस घटना ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे नारे को भी चुनौती दे दी है और यह सवाल उठाया है कि क्या बेटियां पटना के होस्टल्स में सुरक्षित हैं?
किस होस्टल में हुआ मामला?
यह घटना पटना के एक्जीबिशन रोड स्थित परफैक्ट गर्ल्स पीजी हॉस्टल की है। यहां से एक छात्रा की डेड बॉडी मिली। परिजनों ने मामले में हॉस्टल संचालक और अन्य लोगों पर साजिश के तहत हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने प्राथमिकी में हॉस्टल संचालक, वार्डन, हॉस्टल इंचार्ज, छात्रा की सहेली और कई अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है।
परिजनों का आरोप: साजिशन की गई हत्या
परिजनों का कहना है कि छात्रा की मौत साजिश के तहत की गई है। उनका आरोप है कि छात्रा की डेड बॉडी को पुलिस और परिजनों की गैरमौजूदगी में उसके बेड पर रखा गया। साथ ही, परिजनों ने दावा किया कि डेड बॉडी और वीडियो रिकॉर्डिंग देखने के बाद उन्हें यकीन हो गया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है।
होस्टल में बिना अनुमति कैसे आए दो छात्र?
परिवार ने यह भी सवाल उठाया कि दो मुस्लिम लड़के प्रबंधन की अनुमति के बिना हॉस्टल के अंदर कैसे घुसे। पिता का आरोप है कि ये लड़के बिना किसी रोक-टोक के अंदर पहुंच गए। पुलिस ने दो लड़कों को पकड़ा था, लेकिन बाद में एक को छोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि यह घटना पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़ा करती है।
क्या 6 जनवरी को ही हुई थी मौत?
पिता ने बताया कि 4 जनवरी को वह बेटी को होस्टल में छोड़कर गए थे। 5 और 6 जनवरी को उन्होंने बेटी से बातचीत भी की थी। लेकिन 6 जनवरी की रात करीब 1 बजे अचानक कॉल आया कि उनकी बेटी की मौत हो गई है और उसने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
डेड बॉडी को बेड पर कैसे रखा गया?
पिता ने कहा कि सूचना मिलने के बाद भी परिवार के पहुंचने से पहले बेटी की डेड बॉडी फंदे से उतारकर बेड पर रख दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है और सुसाइड नोट भी नहीं मिला।
मां की पुकार: “मेरी बेटी की हत्या हुई है”
मृतका की मां ने रोते हुए कहा कि उनकी 15 वर्षीय बेटी गोह थाना क्षेत्र की रहने वाली थी और पटना के होस्टल में पढ़ाई करती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि 6 जनवरी को दो लड़कों ने हॉस्टल संचालक, वार्डन और बेटी की सहेलियों की मदद से उनकी बेटी की हत्या की है।
परिवार की मांग
परिवार पुलिस से तत्परता से जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। परिजनों का कहना है कि यदि सही जांच नहीं हुई तो यह घटना सिर्फ एक isolated मामला नहीं बल्कि होस्टल सिस्टम में बड़े स्तर पर सुरक्षा की कमी का संकेत है। पटना के होस्टल्स में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आने से लोगों में भय व्याप्त है। सवाल यह है कि क्या प्रशासन और संबंधित विभाग इन होस्टल्स पर नियंत्रण कर पा रहे हैं? और क्या बेटियों की पढ़ाई की राह अब सुरक्षित है?