ब्रेकिंग
‘युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’, पेपर लीक पर जारी घमासान के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बयान‘प्रधानमंत्री को भी लेनी होगी जिम्मेदारी’, संसद परिसर में विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान बोले पप्पू यादव; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांगकानून हाथ में लिया तो खैर नहीं... छात्रों के आंदोलन को लेकर बिहार में हाई अलर्टकटिहार में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट गेट पर हंगामा के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्जबिहार में स्मार्ट मीटर के डिफरमेंट चार्ज पर बवाल, बिजली कार्यालय में तोड़फोड़ और पथराव; दो घायल‘युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं’, पेपर लीक पर जारी घमासान के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बयान‘प्रधानमंत्री को भी लेनी होगी जिम्मेदारी’, संसद परिसर में विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान बोले पप्पू यादव; धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांगकानून हाथ में लिया तो खैर नहीं... छात्रों के आंदोलन को लेकर बिहार में हाई अलर्टकटिहार में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, कलेक्ट्रेट गेट पर हंगामा के बाद पुलिस ने किया लाठीचार्जबिहार में स्मार्ट मीटर के डिफरमेंट चार्ज पर बवाल, बिजली कार्यालय में तोड़फोड़ और पथराव; दो घायल

Bihar News : पटना में बड़ा एक्शन! 5 होटल और एक मार्केट कॉम्प्लेक्स पर लटकी सीलिंग की तलवार, 15 दिन का अल्टीमेटम

पटना के 5 होटल और एक बड़ा कॉम्प्लेक्स खतरे में! फायर सेफ्टी नियम तोड़े तो प्रशासन ने जारी कर दिया सीलिंग का आदेश। 15 दिन में खाली नहीं किया तो होगी बड़ी कार्रवाई।

Bihar News : पटना में बड़ा एक्शन! 5 होटल और एक मार्केट कॉम्प्लेक्स पर लटकी सीलिंग की तलवार, 15 दिन का अल्टीमेटम
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News : राजधानी पटना में अग्नि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिला प्रशासन और अग्निशमन विभाग की संयुक्त कार्रवाई के तहत शहर के पांच होटलों और एक बड़े मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स को खाली करने का आदेश जारी किया गया है। संबंधित प्रतिष्ठानों को 15 दिनों के भीतर भवन खाली करने की चेतावनी दी गई है। निर्धारित समय सीमा के बाद भी आदेश का पालन नहीं होने पर इन भवनों को सील कर दिया जाएगा और प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


जानकारी के अनुसार जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश कुमार पांडेय ने इस संबंध में सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) को पत्र भेजकर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है। अग्निशमन विभाग की जांच में पाया गया कि संबंधित होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान फायर सेफ्टी के आवश्यक मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं। कई जगहों पर अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था नहीं है, जबकि कुछ भवनों में आपातकालीन निकासी के लिए पर्याप्त रास्ते भी उपलब्ध नहीं हैं।


जिन प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है उनमें जमाल रोड स्थित होटल कुणाल इंटरनेशनल, होटल बॉक्स , होटल मुद्रिका, एग्जीबिशन रोड स्थित होटल विवेक तथा सलीमपुर अहरा स्थित होटल अप्सरा शामिल हैं। इसके अलावा बोरिंग रोड चौराहा स्थित मां भगवती कॉम्प्लेक्स को भी खाली करने का आदेश दिया गया है।


अग्निशमन विभाग के अनुसार मां भगवती कॉम्प्लेक्स में भी फायर सेफ्टी सिस्टम पर्याप्त नहीं पाया गया। इसके साथ ही भवन का निकासी द्वार काफी संकरा है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना मुश्किल हो सकता है। विभाग का मानना है कि ऐसी स्थिति में आग लगने जैसी घटना होने पर बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता है।


जिला अग्निशमन पदाधिकारी रितेश कुमार पांडेय ने बताया कि संबंधित होटल और कॉम्प्लेक्स के प्रबंधन को पहले भी कई बार नोटिस जारी कर अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुरूप आवश्यक इंतजाम करने को कहा गया था। हालांकि, बार-बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही वजह है कि अब विभाग को कठोर कार्रवाई करनी पड़ रही है।


विभागीय जांच में यह भी सामने आया है कि कई होटल बिना वैध अग्निशमन लाइसेंस के संचालित किए जा रहे थे। नियमों के अनुसार किसी भी होटल, मॉल, व्यावसायिक भवन या सार्वजनिक उपयोग की इमारत को संचालन से पहले अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त करना अनिवार्य होता है। इसके बावजूद कई प्रतिष्ठान नियमों की अनदेखी कर व्यवसाय चला रहे थे।


प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि 15 दिनों के भीतर यदि आवश्यक सुधार नहीं किए गए और भवन खाली नहीं किए गए तो संबंधित संस्थानों को सील कर दिया जाएगा। साथ ही भवन मालिकों और प्रबंधन के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई भी की जाएगी।


गौरतलब है कि हाल के वर्षों में देश के विभिन्न हिस्सों में होटल, अस्पताल और व्यावसायिक भवनों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। ऐसे मामलों को देखते हुए बिहार सरकार और अग्निशमन विभाग लगातार फायर सेफ्टी मानकों के पालन पर जोर दे रहे हैं।


प्रशासन की इस कार्रवाई को राजधानी में फायर सेफ्टी नियमों को सख्ती से लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।