ब्रेकिंग
‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश‘जहां जीतेंगे, वहां 10 हजार नौकरी देंगे’, MLC उम्मीदवारों की घोषणा के बाद प्रशांत किशोर का बड़ा एलानBihar MLC Election : MLC चुनाव में जन सुराज की एंट्री, दरभंगा से पटना तक 5 उम्मीदवार मैदान में; देखें पूरी लिस्टBihar MLC Election 2026 : अनंत सिंह की बगावत के बाद एक्शन में नीतीश कुमार, नीरज की जीत के लिए चला 'अमोघ अस्त्र'! ललन सिंह से मुलाकात के बाद क्या बदलेगा खेल?अनंत-नीरज की लड़ाई में क्यों चुप हैं नीतीश कुमार? ‘पंच परमेश्वर’ बनने से क्यों बच रहे JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष, कहीं यह सोची-समझी रणनीति तो नहीं?Bihar News : डायल-112 टीम पर हमला पड़ेगा महंगा, थानेदार पर होगी कार्रवाई; बिहार पुलिस मुख्यालय का सख्त आदेश

पटना एम्स में इमरजेंसी सेवा बंद, अब सिर्फ कोरोना मरीजों का ही इलाज होगा

PATNA : बिहार में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया गया है. पटना एम्स में इमरजेंसी सेवा को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है. पटना एम्स में कोविड सम&iac

FirstBihar
First Bihar
3 मिनट

PATNA :  बिहार में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए एक बड़ा फैसला लिया गया है. पटना एम्स में इमरजेंसी सेवा को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है. पटना एम्स में कोविड समíपत अस्पताल का बैनर लगाया गया है. अब यहां सिर्फ और सिर्फ कोरोना संक्रमित मरीजों का ही इलाज किया जायेगा.


पटना एम्स को कोरोना डेडिकेटेड अस्पताल में तब्दील कर दिया गया है. इमरजेंसी सेवा को अब ठप कर दिया गया है. एम्स निदेशक डॉ. प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि एम्स में सामान्य इमरजेंसी और कोरोना संक्रमित दोनों प्रकार के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं. ऐसे में दोनों मरीजों के साथ पूरी तरह से न्याय नहीं हो पा रहा है. ऐसे में यह यदि कोविड अस्पताल होगा तो उनके लिए बेहतर होगा.


यही कारण है कि कोरोना डेडिकेटेड हॉस्पिटल होने के कारण ही एम्स में अब इमरजेंसी सेवा को  बंद कर दिया गया है. दूसरे अस्पताल से रेफर किये गए कोविड मरीज का ही एम्स में अब इलाज किया जायेगा. एम्स में बने फ्लू सेंटर को भी अब बंद कर दिया गया है. परिजनों के प्रवेश पर भी अब रोक लगा दी गई है. एम्स का इमरजेंसी बंद हो जाने के बाद ऐसे मरीजों का सारा दबाव पीएमसीएच और आईजीआईएमएस जैसे संस्थानों पर आ सकता है.


राज्य सरकार के मंत्री से लेकर कई बड़े अफसर इसकी चपेट में आ चुके हैं. प्रतिदिन भारी संख्या में कोरोना पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे हैं. आशंका जताई जा रही है कि इस जुलाई महीने के अंत तक कोरोना अपने चरम पर होगा. लिहाजा सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए पटना एम्स को कोरोना डेडिकेटेड होपितल के रूप में चिन्हित किया है.


राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए एम्स को को कोरोना डेडिकेटेड होपितल के रूप में चिन्हित किया है. यहां सिर्फ कोरोना संक्रमित मरीजों की जांच और इलाज होगा. अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए अब 50 की बजाय 500 बेड उपलब्ध कराने की बात सामने आ रही है. फिलहाल एम्स में कोरोना आइसोलेशन वार्ड में संक्रमितों के लिए 50 बेड उपलब्ध हैं.

टैग्स