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पाठक को मिला नीतीश का साथ, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में नहीं लगेगी टीचरों की ड्यूटी; DM को लिखा लेटर

PATNA : टीचरों को लेकर उठा विवाद थमता हुआ नजर नहीं आ रहा है। कभी नीतीश कुमार केके पाठक के विरोध में उतर जाते हैं तो कभी उसका समर्थन भी करने लगते हैं। पिछले दिनों जहां आप के क

पाठक को मिला नीतीश का साथ, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में नहीं लगेगी टीचरों की ड्यूटी; DM को लिखा लेटर
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

PATNA : टीचरों को लेकर उठा विवाद थमता  हुआ नजर नहीं आ रहा है। कभी नीतीश कुमार केके पाठक के विरोध में उतर जाते हैं तो कभी उसका समर्थन भी करने लगते हैं। पिछले दिनों जहां आप के के पाठक ने दिन छुट्टियां को रद्द किया था उसको वापस से बहस कर पाठक को इशारों ही इशारों में चेतावनी दी गई तो वहीं अब डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन को लेकर शिक्षा विभाग की तरफ से लिखे गए लेटर पर पाठक को सरकार का साथ मिला है। सरकार की तरफ से डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में टीचरों की ड्यूटी नहीं लगाने की बात कही गई है इस को लेकर राज्य के सभी जिलाधिकारी को लेटर भी जारी किया गया है।


दरअसल, नया मामला शिक्षा विभाग और BPSC के बीच का है। इसमें अब बिहार सरकार के मुख्य सचिव ने एंट्री मारी है। मुख्य सचिव अमीर सुबहानी ने केके पाठक के फैसले पर हरी झंडी दे दी है। स्कूल टीचर के पद पर नियुक्ति के लिए अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्रों के सत्यापन में शिक्षक और विभागीय अफसरों की ड्यूटी नहीं लगेगी। मुख्य सचिव ने सभी DM को पत्र लिखा है।


मुख्य सचिव के तरफ से सभी जिलाधिकारी को लिखे पत्र में कहा गया है कि- बिहार लोक सेवा आयोग विद्यालय अध्यापक के पद पर नियुक्ति के लिए प्रकाशित विज्ञापन संख्या-26/2023 में आवेदक अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्रों का सत्यापन और ओएमआर शीट की स्कैनिंग के लिए शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों, कर्मियों और शिक्षकों को लगाए जाने की सूचना प्राप्त हुई है।


वर्तमान में शिक्षा विभाग विशेष अभियान के तहत राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में स्टूडेंट्स की उपस्थिति बढ़ाने में जुटी हुई है। शिक्षा विभाग स्कूलों में अलगअगल तरह की व्यवस्थाओं के लिए सभी अधिकारी, कर्मी, शिक्षक को विशेष निर्देश के तहत कार्य सौंपा है। ऐसी परिस्थिति में शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों,कर्मियों और शिक्षकों को प्रमाण-पत्रों के सत्यापन से मुक्त रखना आवश्यक है।


बिहार विद्यालय परीक्षा समिति भी पिछले कई सालों से कराए जाने वाले बारकोडिंग संबंधित काम की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए ऐसे कार्यों में भी विशेष रूप से शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों, कर्मियों और शिक्षकों को अलग रखा जाता है। शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया है कि बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा विद्यालय अध्यापक के पद पर नियुक्ति के लिए प्रकाशित विज्ञापन संख्या 20 / 2023 के अभ्यर्थियों के प्रमाण-पत्र के सत्यापन तथा ओएमआर सीट की स्कैनिंग के कार्यों के लिए शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों, कर्मियों और शिक्षकों को छोड़कर जिलान्तर्गत किसी भी अन्य विभाग के पदाधिकारियों और कर्मियों से संपादित कराया जाए।