ब्रेकिंग
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में जन सुराज का कैंडल मार्च, दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांगअमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाभरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के विरोध में जन सुराज का कैंडल मार्च, दोषी अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांगअमोनिया गैस रिसाव से बड़ा हादसा: सीफूड फैक्ट्री में 7 मजदूरों की मौत, 10 से अधिक की हालत गंभीरजेडीयू की बैठक में निशांत कुमार की बढ़ी भूमिका, नेताओं ने बताया पार्टी का भविष्यपटना में करोड़ों की ठगी का खुलासा: शातिर पति-पत्नी ने 27 पुलिसकर्मियों से ठग लिए 6 करोड़, फर्जी फाइनेंस कंपनी खोलकर लगाया चूनादो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिला

नर्सिंग छात्राओं ने IGIMS में किया प्रदर्शन, स्टाइपेंड देने की मांग

PATNA: स्टाइपेंड दिये जाने की मांग को लेकर पटना के IGIMS में नर्सिंग छात्राओं ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान नर्सिंग छात्राओं ने अस्पताल प्रबंधन और कॉलेज प्रशासन के खिल

नर्सिंग छात्राओं ने IGIMS में किया प्रदर्शन, स्टाइपेंड देने की मांग
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

PATNA: स्टाइपेंड दिये जाने की मांग को लेकर पटना के IGIMS में नर्सिंग छात्राओं ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान नर्सिंग छात्राओं ने अस्पताल प्रबंधन और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्राओं का कहना था कि पढ़ाई के दौरान काम करने के बाद इन्हें स्टाइपेंड से वंचित रखा गया है। 


छात्राएं जब आज कॉलेज प्रशासन से मिलने गई थी तब उनसे एक हफ्ते का समय लिया गया। कॉलेज प्रशासन के आश्वासन के बाद सभी छात्राएं काम पर लौट आई हैं। जीएनएम छात्राओं का कहना था कि 3 साल की पढ़ाई की अवधि समाप्त होने वाली है। स्टाइपेंड के तौर पर हर महीने 1500 रुपया दिया जाना था जो आज तक उन्हें नहीं मिल पाया है। स्टाइपेंड की मांग को लेकर आज छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया जिसके बाद उनसे एक सप्ताह का समय मांगा गया। कॉलेज प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्राएं अपने-अपने काम पर लौट आई हैं।