Bihar Politics : बिहार में नई सियासी खिचड़ी ! सम्राट चौधरी ने की सीएम से 25 मिनट तक मुलाकात, तुरंत बाद विजय सिन्हा पहुंचे आवास; बिहार में नया सीएम कौन?

नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। सबसे पहले डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने सीएम से मुलाकात की। करीब 25 मिनट की बैठक के बाद विजय सिन्हा भी मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Mar 06, 2026, 12:05:12 PM

Bihar Politics : बिहार में नई सियासी खिचड़ी !  सम्राट चौधरी ने की सीएम से 25 मिनट तक मुलाकात, तुरंत बाद विजय सिन्हा पहुंचे आवास; बिहार में नया सीएम कौन?

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Bihar Politics : बिहार की राजनीति में उस समय नया मोड़ आ गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया। इस कदम के साथ ही यह लगभग तय माना जा रहा है कि राज्य की सत्ता में बड़ा बदलाव होने वाला है। दो दशकों से अधिक समय तक बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार अब सक्रिय रूप से राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ाते दिख रहे हैं। उनके इस फैसले के बाद राज्य की सियासत में नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है और सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अब बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।


नीतीश कुमार के नामांकन के साथ ही पटना के सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। सत्ता पक्ष के भीतर बैठकों और मुलाकातों का दौर शुरू हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सम्राट चौधरी सबसे पहले मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। सूत्रों के अनुसार सम्राट चौधरी और नीतीश कुमार के बीच लगभग 25 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत हुई। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब राज्य की सत्ता के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हैं, इसलिए इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस मुलाकात में आने वाले दिनों की रणनीति, नेतृत्व परिवर्तन और नई सरकार के स्वरूप को लेकर चर्चा हुई हो सकती है। हालांकि बैठक के बाद बाहर निकलते समय सम्राट चौधरी ने मीडिया के सामने कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया, लेकिन उनके चेहरे के भाव और जल्दबाजी में निकलना इस बात की ओर इशारा कर रहा था कि अंदर गंभीर चर्चा हुई है।


सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री आवास से बाहर निकलते ही एक और अहम घटनाक्रम सामने आया। बिहार के दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा भी मुख्यमंत्री आवास पहुंच गए। उनके पहुंचने से सियासी हलचल और तेज हो गई। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार अब भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ मिलकर आगे की रणनीति तय कर रहे हैं। विजय सिन्हा की यह मुलाकात भी करीब-करीब उसी क्रम में हुई, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया को लेकर लगातार मंथन चल रहा है।


दरअसल, नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चा पिछले कुछ दिनों से चल रही थी, लेकिन नामांकन दाखिल होते ही यह चर्चा अब वास्तविकता में बदलती नजर आ रही है। अगर नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा और ऐसी स्थिति में बिहार को नया मुख्यमंत्री मिलना तय है।


अब सवाल यह है कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। भाजपा और जदयू के गठबंधन में कई नामों को लेकर चर्चा हो रही है। कुछ राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा इस मौके को अपने लिए बड़ा अवसर मान सकती है और मुख्यमंत्री पद पर अपना दावा मजबूत कर सकती है। वहीं दूसरी ओर यह भी संभावना जताई जा रही है कि गठबंधन संतुलन बनाए रखने के लिए जदयू से ही किसी नेता को मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है।


फिलहाल पटना की राजनीति में हर छोटी-बड़ी हलचल पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। मुख्यमंत्री आवास पर नेताओं की लगातार हो रही आवाजाही इस बात का संकेत दे रही है कि आने वाले कुछ दिनों में बिहार की राजनीति में बड़ा फैसला सामने आ सकता है।


नीतीश कुमार का राज्यसभा की ओर जाना केवल एक व्यक्तिगत राजनीतिक फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे बिहार की सत्ता संरचना में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मुख्यमंत्री की कुर्सी किसके हिस्से में जाएगी और बिहार की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ेगी। आने वाले समय में यह स्पष्ट हो जाएगा कि इस सियासी हलचल का अंतिम परिणाम क्या निकलता है।