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Bihar politics : “हम अब दिल्ली जा रहे हैं, लेकिन सब चिजबा देखते ही रहेंगे..."', अंतिम कैबिनेट में भी नीतीश की बड़ी नसीहत

बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar की आखिरी कैबिनेट बैठक भावुक पलों से भरी रही। दिल्ली जाने से पहले उन्होंने मंत्रियों को बड़ा संदेश दिया और बिहार के विकास पर जोर दिया।

Bihar politics : “हम अब दिल्ली जा रहे हैं, लेकिन सब चिजबा देखते ही रहेंगे..."', अंतिम कैबिनेट में भी नीतीश की बड़ी नसीहत
Tejpratap
Tejpratap
3 मिनट

Bihar politics : बिहार की सियासत में एक भावुक और ऐतिहासिक पल देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने अपनी अंतिम कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। करीब 20 मिनट तक चली इस बैठक में न सिर्फ प्रशासनिक चर्चा हुई, बल्कि भावनाओं का भी खुलकर इज़हार हुआ। बैठक का माहौल उस समय और भी भावुक हो गया जब कई मंत्री अपनी भावनाओं को रोक नहीं पाए।


कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने मंत्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने काम को और बेहतर तरीके से करते रहें और बिहार के विकास को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा, “आप लोग काम तो करते ही हैं, लेकिन अब और अच्छा कीजिए। बिहार को आगे ले जाने की जिम्मेदारी आप सभी पर है।” यह संदेश साफ तौर पर भविष्य के लिए एक दिशा-निर्देश के रूप में देखा जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछले वर्षों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि सभी ने मिलकर बिहार को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया है। उन्होंने कहा कि अब समय है कि इन उपलब्धियों को और आगे बढ़ाया जाए और राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जाए।


बैठक का सबसे भावुक क्षण तब आया जब नीतीश कुमार ने कहा, “यह बेहद भावुक पल है। हम अब दिल्ली जा रहे हैं, लेकिन वहां से भी सब कुछ देखते रहेंगे।” उनके इस बयान ने यह संकेत दिया कि भले ही वह राज्य की सक्रिय राजनीति से कुछ दूरी बना रहे हों, लेकिन उनकी नजर बिहार की गतिविधियों पर बनी रहेगी।


उन्होंने मंत्रियों को भरोसा दिलाया कि उनका स्नेह और मार्गदर्शन हमेशा उनके साथ रहेगा। “आप लोगों पर मेरा प्यार और स्नेह हमेशा बना रहेगा,” यह कहते हुए उन्होंने सभी का आभार जताया। इस दौरान कई मंत्री भी भावुक हो गए और माहौल कुछ देर के लिए शांत हो गया।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बैठक केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं थी, बल्कि एक युग के अंत और नए दौर की शुरुआत का संकेत भी थी। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने कई क्षेत्रों में प्रगति की है, और अब उनकी अनुपस्थिति में नई सरकार के सामने उन उपलब्धियों को बनाए रखने और आगे बढ़ाने की चुनौती होगी।इस अंतिम कैबिनेट बैठक ने यह साफ कर दिया कि नीतीश कुमार भले ही पद छोड़ रहे हों, लेकिन उनका जुड़ाव बिहार और उसके विकास से हमेशा बना रहेगा।