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नीतीश के दावों की मौसम विभाग ने खोल दी पोल, कहा - 19 सितंबर से ही कर रहे थे अलर्ट, सरकार क्यों नहीं संभली ये वो जाने

PATNA : भीषण बारिश से पटना समेत कई जिलों में बेकाबू हुए हालात का दोष मौसम विभाग पर थोपने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोशिशों की पोल खुल गयी है. मौसम विभाग ने आज तमाम कागजात जारी

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PATNA : भीषण बारिश से पटना समेत कई जिलों में बेकाबू हुए हालात का दोष मौसम विभाग पर थोपने की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कोशिशों की पोल खुल गयी है. मौसम विभाग ने आज तमाम कागजात जारी करते हुए बताया है कि 19 सितंबर से ही उसने राज्य सरकार को लगातार अलर्ट किया था. बता दिया था कि सूबे में भीषणतम बारिश होने वाली है. इसके बावजूद अगर मौसम विभाग को दोष दिया जा रहा है तो ये सरासर गलत है.

नीतीश कुमार के आरोपों की पोल खुली
दरअसल कल नीतीश कुमार ने कहा था कि मौसम विभाग भी सही तरीके से जानकारी नहीं दे पाया. कभी कुछ कहा जा रहा था तो सभी कुछ. इससे राज्य सरकार भी सही तरीके से काम नहीं कर पायी. मुख्यमंत्री के आरोपों के बाद आज मौसम विभाग ने कागजातों के साथ सफाई दी. मौसम विभाग के कागजातों से सरकार की पोल खुल गयी है.

19 सितंबर को ही मौसम विभाग ने जारी किया था अलर्ट
मौसम विभाग के उप निदेशक आनंद शंकर ने आज तमाम कागजात जारी करते हुए बताया कि उनके विभाग ने 19 सितंबर से बिहार में अलर्ट जारी कर दिया था. राज्य सरकार के साथ ही तमाम जिलाधिकारियों को लगातार अलर्ट भेजा गया. मौसम विभाग ने पहले ही बता दिया था कि बिहार में 26 से लेकर 29 सितंबर के बीच भीषण बारिश होने वाली है. इसके बावजूद राज्य सरकार सतर्क नहीं हुई तो इसका दोष मौसम विभाग पर नहीं दिया जा सकता है. उप निदेशक ने कहा कि राज्य सरकार अपना दोष मौसम विभाग पर नहीं मढे. मौसम विभाग ने हर जानकारी राज्य सरकार को पहले ही दे दी थी.

राज्य सरकार की कलई खुली
मौसम विभाग के कागजातों से साफ है कि राज्य सरकार को पहले से ही जानकारी दी थी कि बिहार में बारिश से हालात बिगड़ने जा रहे हैं. लेकिन इसके बावजूद राहत और बचाव की कोई कार्रवाई नहीं की गयी. राजधानी पटना तक में पूरा सरकारी तंत्र सांप निकल जाने के बाद लकीर पीटने जैसी कार्रवाई करता रहा. सरकार ने राहत और बचाव का पहले से कोई इंतजाम नहीं किया था.