ब्रेकिंग
खेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचाBihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म...16 मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय, कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर लगी मुहर,जानें...बेतिया में सनसनीखेज वारदात, अधेड़ की गला दबाकर हत्या; घर के बेड पर मिला शवखेसारी लाल यादव ने पिता को गिफ्ट की 4 करोड़ की Range Rover SV, भावुक वीडियो हुआ वायरलबिहार में SC-ST अत्याचार मामलों के लिए बनेंगे 19 नए स्पेशल कोर्ट, 171 पदों के सृजन को कैबिनेट की मंजूरीफर्जी आधार कार्ड से भारत में घूम रहा था नेपाली युवक, नाबालिग लड़की को लेकर पहुंचा मैत्री पुल; SSB ने दबोचाBihar Cabinet Meeting: सम्राट कैबिनेट की बैठक खत्म...16 मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय, कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर लगी मुहर,जानें...बेतिया में सनसनीखेज वारदात, अधेड़ की गला दबाकर हत्या; घर के बेड पर मिला शव

निर्भया कांड के दोषी अक्षय के कारण पूरा परिवार हो गया बर्बाद, गांव में नहीं लेना चाहता है कोई नाम, सबको पत्नी-बच्चे की चिंता

PATNA: निर्भया कांड के दोषियों में से एक अक्षय ठाकुर बिहार के औरंगाबाद जिले का रहने वाला है. अक्षय के एक करतूत ने उसके पूरा परिवार को बर्बादी के कगार पर ला दिया है. दिल्ली में

FirstBihar
Manish Kumar
3 मिनट

PATNA: निर्भया कांड के दोषियों में से एक अक्षय ठाकुर बिहार के औरंगाबाद जिले का रहने वाला है. अक्षय के एक करतूत ने उसके पूरा परिवार को बर्बादी के कगार पर ला दिया है. दिल्ली में काम करने वाले इसके भाईयों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ा. मां, पिता, पत्नी और बच्चों पर जो बीत रही होगी वह अलग ही है. अक्षय समेत सभी आरोपियों का डेथ वारंट जारी हो गया है. 22 जनवरी को सुबह 7 बजे सभी को फांसी देने की तारीख तय हुई है.

इसको भी पढ़ें निर्भया कांड के दोषियों को फांसी देने को लेकर बेकरार है जल्लाद पवन, कहा- चारों को फांसी देकर मिलेगा मुझे सुकून

नाम आने के बाद अक्षय के भाईयों ने कंपनी ने दिया था निकाल

निर्भया के मामले में जब अक्षय गिरफ्तार हुआ तो उस समय इसके दो भाई दिल्ली के एक कंपनी में काम करते थे. जैसे ही इस बात की जानकारी कंपनी के अधिकारियों को लगी तो तुरंत नौकरी से निकाल दिया. नौकरी मिलना मुश्किल हो गया और भाईयों को दिल्ली छोड़ना पड़ा. गांव आकर रहने लगे और खेती कर जीवन यापन करने लगे. गांव में कुछ जमीन है इसपर ही खेती कर परिवार गुजारा करता है.

सबको अक्षय की पत्नी और बच्चों को चिंता

अक्षय की करतूत की सजा तो मिल जाएगी. लेकिन सबको अक्षय की पत्नी और उसके बच्चे की चिंता सता रही है आखिर दोनों का परवरिश कैसे होगा. जब तक उसके भाई साथ दें रहे तब तक तो सब ठीक है उसके बाद क्या होगा. जैसे ही इस कांड में उसका नाम आता है मां, पिता और पत्नी के आंखों में आंसू आ जाते हैं. अक्षय के करतूत से गांव के लोग भी शर्मसार हैं. ग्रामीण उसका नाम भी नहीं लेना चाहते हैं. जब डेथ वारंट भी जारी हुआ तो मंगलवार को कोई उसका जिक्र करना नहीं चाह रहा था. सभी खामोश थे.