Bihar MLC Election : पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज होती जा रही है। चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी के बीच जेडीयू के वरिष्ठ नेता और विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार ने अपने अंदाज में बड़ा सियासी संदेश दिया है। नीरज कुमार ने चुनावी तैयारी, पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता और विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें चुनाव की तैयारी अलग से करने की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि उनके कार्यकर्ता खुद चुनाव के लिए तैयार रहते हैं।
नीरज कुमार ने अपने बयान में कहा कि चुनावी तैयारी के लिए उनके पास कार्यकर्ताओं की मजबूत टीम है। उन्होंने कहा कि उनके लिए तन, मन और धन तीनों महत्वपूर्ण हैं। इसी दौरान उन्होंने ‘न’ अक्षर को लेकर अपने बयान को खास सियासी अंदाज दिया। नीरज कुमार ने कहा कि नीतीश कुमार जी का आशीर्वाद मिला हुआ है और निशांत कुमार जी का प्रचार-प्रसार हो रहा है, ऐसे में उनका चुनाव शानदार और जानदार होगा। नीरज कुमार के इस बयान में ‘न’ का कनेक्शन भी खास नजर आया। उन्होंने कहा कि न से नीतीश, न से निशांत और न से नीरज। यही ‘न’ अब पटना स्नातक सीट के चुनावी मुकाबले में उनके अभियान की नई सियासी लाइन बनती दिखाई दे रही है।
विरोधियों पर भाषाई घात, भीतरघात पर भी दिया जवाब
नीरज कुमार ने अपने विरोधियों को लेकर भी तीखे अंदाज में बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह राजनीति में विरोधियों पर ‘भाषाई घात’ करते हैं। हालांकि, अपने समर्थकों और वोटरों पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि उनके वोटरों ने कभी यह नहीं कहा कि वे भीतरघात करेंगे। नीरज का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पटना स्नातक सीट को लेकर राजनीतिक दल अपने-अपने स्तर पर समीकरण मजबूत करने में जुटे हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में उम्मीदवारों के लिए व्यक्तिगत संपर्क, संगठन की मजबूती और मतदाताओं के बीच लगातार संवाद काफी अहम माना जाता है। ऐसे में नीरज कुमार अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं की ताकत को अपनी बड़ी चुनावी पूंजी बता रहे हैं।
‘हमने काम किया है, आगे भी मौका दीजिए’
नीरज कुमार ने अपने काम को भी चुनावी अभियान का प्रमुख आधार बताया। उन्होंने कहा कि वह अपने काम के प्रति गौरव के साथ रहते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने जनता के लिए काम किया है और अगर आगे भी काम करने का मौका दिया गया तो बिहार को विकसित बिहार के रूप में आगे ले जाने के लिए काम किया जाएगा।
उनके इस बयान से साफ है कि चुनावी मैदान में वह अपने कार्यकाल और कामकाज को भी प्रमुख मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं। एक तरफ संगठन और नेतृत्व के समर्थन की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ अपने काम के आधार पर मतदाताओं से दोबारा मौका देने की अपील भी की जा रही है।
‘पहले पोलिंग एजेंट ढूंढ लें’, विरोधियों पर बड़ा तंज
पटना स्नातक सीट पर मुकाबले को लेकर नीरज कुमार ने विरोधियों को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उनके विरोधियों को पहले पोलिंग एजेंट ढूंढने की चिंता करनी चाहिए। नीरज कुमार ने तंज कसते हुए कहा कि विरोधियों के लिए पोलिंग एजेंट मिलना भी मुश्किल हो जाएगा। उनका यह बयान चुनावी मैदान में अपने संगठन की मजबूती को लेकर आत्मविश्वास दिखाता है। साथ ही इसके जरिए उन्होंने विरोधी खेमे की जमीनी तैयारी पर भी सवाल खड़ा करने की कोशिश की है।
‘कोई कितना भी जाप कर ले...’
नीरज कुमार ने अपने बयान के अंत में विरोधियों पर इशारों-इशारों में एक और तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि कोई कितना भी जाप कर ले, उन्हें लगता है कि भगवती उसको श्राप ही देगी। नीरज के इस बयान को चुनावी माहौल में विरोधियों पर कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने किसी विरोधी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनका निशाना किस ओर है, इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो सकती है।
पटना स्नातक सीट पर आने वाले दिनों में चुनावी मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद है। एक ओर उम्मीदवार अपने संगठन और समर्थकों के सहारे मैदान मजबूत करने में जुटे हैं, तो दूसरी ओर मतदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए लगातार रणनीति तैयार की जा रही है। ऐसे में नीरज कुमार का ‘न से नीतीश, न से निशांत और न से नीरज’ वाला बयान चुनावी प्रचार में नया नारा बन सकता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह ‘न’ वाला सियासी समीकरण पटना स्नातक सीट के चुनाव में कितना असर दिखाता है।





