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Indian Railways : ट्रेन में आपको भी चाहिए लोअर बर्थ? ये 5 ट्रिक्स जान लेंगे तो कभी नहीं होगी परेशानी

ट्रेन में सफर के दौरान लोअर बर्थ न मिलना आम समस्या है। जानिए रेलवे के नियम, सीनियर सिटीजन कोटा और आसान टिप्स, जिससे हर बार आरामदायक सीट मिल सके।

Indian Railways : ट्रेन में आपको भी चाहिए लोअर बर्थ? ये 5 ट्रिक्स जान लेंगे तो कभी नहीं होगी परेशानी
Tejpratap
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4 मिनट

Indian Railways : ट्रेन से सफर करने वाले ज्यादातर यात्री लोअर बर्थ की ही मांग करते हैं, क्योंकि यह सबसे आरामदायक मानी जाती है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बीमार यात्रियों के लिए लोअर बर्थ बेहद जरूरी होती है। इसके बावजूद कई बार टिकट कन्फर्म होने के बाद भी यात्रियों को मिडिल या अपर बर्थ मिल जाती है, जिससे परेशानी बढ़ जाती है।


अक्सर लोग इसका जिम्मेदार रेलवे को ठहराते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि कई बार यात्रियों की छोटी-छोटी गलतियों के कारण ही लोअर बर्थ हाथ से निकल जाती है। सही विकल्प का चयन न करना और देर से टिकट बुक करना इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जाती है।


रेलवे के नियमों के अनुसार सीनियर सिटीजन के लिए लोअर बर्थ का अलग कोटा तय किया गया है। इसमें 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पुरुष और 58 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं शामिल होती हैं। इसके अलावा 45 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को भी लोअर बर्थ देने में प्राथमिकता दी जाती है। यह सुविधा स्लीपर क्लास से लेकर एसी कोच तक लागू रहती है।


अगर कोई महिला अकेले यात्रा कर रही है, तो उसे भी लोअर बर्थ देने की प्राथमिकता होती है। रेलवे और IRCTC का सिस्टम ऐसे यात्रियों को ध्यान में रखकर सीट आवंटित करता है, ताकि उनका सफर सुरक्षित और आरामदायक हो सके।


टिकट बुकिंग के दौरान सही विकल्प चुनना बेहद जरूरी होता है। यदि आप सीनियर सिटीजन हैं, तो बुकिंग करते समय इसका ऑप्शन जरूर चुनें। इसके अलावा एक ही PNR पर एक या दो सीनियर सिटीजन रखने से लोअर बर्थ मिलने की संभावना बढ़ जाती है। वहीं, अगर एक टिकट पर ज्यादा लोग होते हैं, तो सिस्टम सभी को लोअर बर्थ नहीं दे पाता और सीटें अलग-अलग कैटेगरी में बंट जाती हैं।


लोअर बर्थ न मिलने की एक और बड़ी वजह लेट बुकिंग भी है। अगर ट्रेन में पहले से लोअर बर्थ फुल हो चुकी होती है, तो बाद में बुकिंग करने पर यह सुविधा नहीं मिल पाती। इसके अलावा महिलाओं या सीनियर सिटीजन कोटे की सीटें भर जाने पर भी यात्रियों को मिडिल या अपर बर्थ से संतोष करना पड़ता है।


हालांकि, अगर यात्रा के दौरान कोई लोअर बर्थ खाली होती है, तो रेलवे का सिस्टम ऑटोमैटिक तरीके से उसे जरूरतमंद यात्री को अलॉट कर सकता है। इसलिए यात्रा के दौरान टीटीई से संपर्क करना भी फायदेमंद हो सकता है।


हाजीपुर रेलवे जोन के मुख्य जनसंपर्क पदाधिकारी सरस्वती चंद्र के अनुसार, रेलवे यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लोअर बर्थ के लिए विशेष प्रावधान करता है। उन्होंने बताया कि सीनियर सिटीजन, महिलाओं और अकेले यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को प्राथमिकता देने का नियम लागू है।


ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि हर बार आपको लोअर बर्थ मिले, तो टिकट बुक करते समय सही विकल्प चुनें और समय पर बुकिंग करें। थोड़ी सी जागरूकता और सही जानकारी आपके सफर को ज्यादा आरामदायक और सुविधाजनक बना सकती है।