ब्रेकिंग
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी✦दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

लॉकडाउन-4 में राज्यों को मिले ज्यादा अधिकार, संक्रमण के 5 जोन अब खुद तय कर पाएंगे

DELHI : लॉकडाउन के तीसरे चरण में ही राज्यों की तरफ से यह मांग उठने लगी थी कि उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से और ज्यादा अधिकार मिले चाहिए. कई राज्य सरकारों ने खुलकर केंद्र के सामने यह

FirstBihar
First Bihar
2 मिनट

DELHI : लॉकडाउन के तीसरे चरण में ही राज्यों की तरफ से यह मांग उठने लगी थी कि उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से और ज्यादा अधिकार मिले चाहिए. कई राज्य सरकारों ने खुलकर केंद्र के सामने यह मांग रखी थी कि लॉक डाउन और कोरोना संक्रमण के बीच जो निर्धारण का फैसला उन्हें दिया जाये. केंद्र सरकार ने राज्यों की इस मांग को लॉकडाउन 4 में स्वीकार कर लिया है. अब राज्य खुद संक्रमण के जोन का निर्धारण कर पाएंगे.


कोरोना संक्रमण को अब तीन की बजाय 5 जोन में रखा जा सकेगा. रेड, ग्रीन, ऑरेंज, बफर और कंटेनमेंट जोन के जरिए संक्रमण के इलाके को कम या ज्यादा के तौर पर बांटा जायेगा. अब केंद्र सरकार जोन डेटा जारी नहीं करेगी बल्कि राज्यों को यह फैसला खुद लेने का अधिकार दिया गया है. इतना ही नहीं केंद्र के गाइडलाइन से बाहर गए बगैर राज्य सरकारें अपने हाथ छूट के दायरे निर्धारित कर सकती हैं.


केंद्र सरकार की तरफ से लॉकडाउन-4 में जो सीमाएं लगाई गई है. उसका उल्लंघन कोई भी राज्य सरकार नहीं कर पायेगी, लेकिन स्थानीय स्तर पर किन इलाकों में कितनी राहत या छूट दी जानी है. इसका निर्णय अब राज्य सरकार ने कर पाएंगे. आपको बता दें कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट को लिमिटेड में मंजूरी दी गई है. बसों के परिचालन को लेकर अब राज्य सरकार को फैसला करना है, जबकि बाकी अन्य तरह के पब्लिक ट्रांसपोर्ट पहले की तरह बंद रहेंगे. मेट्रो सेवाएं बंद रहेंगी. मल्टीप्लेक्स मॉल, धार्मिक स्थल, स्कूल, कॉलेज, कोचिंग पहले की तरह बंद रहेंगे. जिम, सिनेमाघर और स्टेडियम भी पहले की तरह बंद रहेंगे, हालांकि दर्शकों के बगैर स्टेडियम खोलने की अनुमति दी गई है.

टैग्स