ब्रेकिंग
नेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानकनेपाल में भारी बारिश से बिहार में बाढ़ का खतरा मंडराया, उफान पर महानंदा और कोसी; इंजीनियरों की छुट्टियां रद्दबिहार में सनसनीखेज वारदात: इंजीनियरिंग के छात्र ने प्रेमिका के भाई की ले ली जान, हत्या की साजिश में AI का इस्तेमालपटना में गंगा स्नान के दौरान दर्दनाक हादसा, तीन बच्चों की डूबने से मौतअगर अपराधी सरेंडर करता है, तो क्या उसे गोली मार दी जाएगी? भरत तिवारी एनकाउंटर पर घमासान के बीच नीतीश कुमार का पुराना बयान वायरलBihar News: बिहार में मकान बनाने वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू, कमरा-रसोई से लेकर शौचालय तक बदल गए मानक

खरना के साथ आज से शुरू होगा 36 घंटे का निर्जला व्रत, जानिए क्या हैं इसके महत्व

PATNA : नहाय-खाय के साथ सूर्य उपासना का छठ महापर्व शुक्रवार से प्रारंभ हो गया। व्रतधारियाें ने सबसे पहले अपने घरों की सफाई की। चना दाल, चावल और लौकी की सब्जी का प्रसाद बनाया।

खरना के साथ आज से शुरू होगा 36 घंटे का निर्जला व्रत, जानिए क्या हैं इसके महत्व
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA : नहाय-खाय के साथ सूर्य उपासना का छठ महापर्व शुक्रवार से प्रारंभ हो गया। व्रतधारियाें ने सबसे पहले अपने घरों की सफाई की। चना दाल, चावल और लौकी की सब्जी का प्रसाद बनाया। भगवान सूर्य और षष्ठी देवी की पूजा कर व्रतधारियाें ने प्रसाद ग्रहण किया, फिर परिजनों और पड़ोसियों को वितरित किए। इस दौरान घरों में छठ मइया के गीत गूंजते रहे। शनिवार को खरना के साथ 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होगा।

दरअसल, छठ पूजा उत्सव के दूसरे दिन खरना होता है, इस दिन व्रती पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं और शाम को गुड़ की खीर, घी लगी हुई रोटी और फलों का सेवन करती हैं। यही प्रसाद घर के बाकी के सदस्यों को भी दिया जाता है।

मालुम हो कि, खरना के दिन सूर्यास्त समय : 18 नवंबर शाम 05:26 पर है और अमृत काल पूजा मुहूर्त : 18 नवंबर 2023 शाम 06:01 से 07:33 के बीच रहेगा।

आपको बताते चलें कि, खरना का अर्थ खुद को साफ और शुद्ध रखना है। इसके लिए शुद्ध भोजन भी करते हैं। इसको लोहंडा के नाम से भी जानते हैं। इस पूजा में शुद्धता का खास खयाल रखा जाता है। इसी दिन से ही 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू होता है।