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Barbigha news : बरबीघा बायपास पर सड़क हादसे में 20 वर्षीय युवक की मौत, दो युवक गंभीर रूप से घायल

करमनचक में दो बाइकों की भीषण टक्कर में 20 वर्षीय संटू कुमार की मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है और पुलिस जांच में जुटी है।

Barbigha news : बरबीघा बायपास पर सड़क हादसे में 20 वर्षीय युवक की मौत, दो युवक गंभीर रूप से घायल
Tejpratap
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Barbigha news : शेखपुरा जिले के बरबीघा थाना क्षेत्र में शुक्रवार की देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। करमनचक गांव के पास तेज रफ्तार दो बाइकों की आमने–सामने की टक्कर में 20 वर्षीय युवक संटू कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य—नवलेश कुमार (25) और श्री कुमार (22)—गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोग भी दहल उठे।


मृतक की पहचान दिलीप राम के बड़े पुत्र संटू कुमार के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों बाइकें तेज रफ्तार में थीं और अचानक सामने आने से भीषण टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि संटू कुमार सड़क पर दूर जा गिरे और उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। डॉक्टरों ने बताया कि टक्कर की तीव्रता के कारण उनके सिर का अंदरूनी हिस्सा बाहर आ चुका था, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने पुष्टि की है कि मृतक ने हेलमेट नहीं पहन रखा था, जो उनकी मौत का बड़ा कारण बना।


हादसे में घायल हुए नवलेश और श्री कुमार दोनों करमनचक गांव के ही रहने वाले हैं। टक्कर के बाद वे भी सड़क पर दूर जाकर गिरे और बुरी तरह जख्मी हो गए। एक युवक के दोनों पैर टूट गए, जबकि दूसरे का कंधा बुरी तरह चटक गया। आसपास के लोगों ने तत्काल इसकी सूचना डायल 112 और स्थानीय पुलिस को दी। बरबीघा थाना अध्यक्ष गौरव कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीनों को तुरंत रेफरल अस्पताल बरबीघा भेजा। संटू को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि दोनों घायलों की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया गया।


पुलिस ने घटनास्थल से दोनों क्षतिग्रस्त बाइकों को जब्त कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों ने प्राथमिक जांच में बताया कि तेज रफ्तार, लापरवाही और हेलमेट का उपयोग न करना इस दुर्घटना के मुख्य कारण प्रतीत होते हैं। थानाध्यक्ष गौरव कुमार ने अपील की कि लोग सड़क पर वाहन चलाते समय सुरक्षा नियमों का पालन करें, वरना छोटी सी गलती भी ज़िंदगी ले सकती है।


दुर्घटना के बाद अस्पताल का माहौल बेहद दुखद था। बेटे का शव देखते ही संटू की मां बार–बार बेहोश हो जा रही थीं और फफक–फफक कर रोते हुए कह रही थीं— “बड़ दुख करके पढ़ायलियो हल जी बेटा… अब हमरा के देखतौ?” यह करुण क्रंदन सुनकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। परिवार के लोगों ने बताया कि संटू दो भाइयों में सबसे बड़ा था और घर का सहारा माना जाता था।


पिता दिलीप राम, जो पेशे से राजमिस्त्री हैं, ने बताया कि उनका सपना था कि संटू पढ़–लिखकर अफसर बने और परिवार की दशा बदले। लेकिन एक पल में हुए इस हादसे ने उनका सपना ही नहीं, पूरा भविष्य उजड़ दिया। गांव में भी मातमी सन्नाटा पसरा है। ग्रामीणों ने बताया कि संटू बेहद शांत, विनम्र और पढ़ने में होनहार था। उसकी अचानक मौत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।


स्थानीय लोग प्रशासन से लगातार सड़क सुरक्षा पर सख्ती की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस रोड पर अक्सर तेज रफ्तार की वजह से दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। यदि समय रहते रफ्तार नियंत्रण, हेलमेट चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाए जाएं तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।


दर्दनाक हादसे ने एक परिवार का सहारा छीन लिया और दो युवक जीवन–मौत से जूझ रहे हैं। यह घटना एक बार फिर याद दिला रही है कि सड़क पर जरा सी लापरवाही कितनी बड़ी त्रासदी में बदल सकती है।