ब्रेकिंग
पटना के बाद अब पश्चिम चंपारण में स्कूल बंद, भीषण गर्मी को देखते हुए डीएम ने लिया फैसलापटना में कार से मिला युवक का शव, गर्दनीबाग इलाके में मचा हड़कंपबेगूसराय गैंगरेप मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी नीतीश और मक्का मदीना गिरफ्तारकटिहार में 'फर्जी सिपाही' गिरफ्तार, खाकी का रौब दिखाकर लोगों की आँखों में धूल झोंक रहा था सुशील पटना में भीषण गर्मी का असर, 8वीं तक के सभी स्कूल 27 जून तक बंदपटना के बाद अब पश्चिम चंपारण में स्कूल बंद, भीषण गर्मी को देखते हुए डीएम ने लिया फैसलापटना में कार से मिला युवक का शव, गर्दनीबाग इलाके में मचा हड़कंपबेगूसराय गैंगरेप मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी नीतीश और मक्का मदीना गिरफ्तारकटिहार में 'फर्जी सिपाही' गिरफ्तार, खाकी का रौब दिखाकर लोगों की आँखों में धूल झोंक रहा था सुशील पटना में भीषण गर्मी का असर, 8वीं तक के सभी स्कूल 27 जून तक बंद

जानिए कितना खतरनाक है ओमिक्रॉन, डॉक्टर ने बताया.. नए वैरियंट पर वैक्सीन कितना असरदार?

PATNA : बिहार में कोरोना के नए वैरिएंट से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. पूरी दुनिया में तबाही मचाने वाले डेल्टा वायरस 9 बार म्यूटेशन कर बहुत ज्यादा ताकतव

जानिए कितना खतरनाक है ओमिक्रॉन, डॉक्टर ने बताया.. नए वैरियंट पर वैक्सीन कितना असरदार?
Mukesh Srivastava
2 मिनट

PATNA : बिहार में कोरोना के नए वैरिएंट से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. पूरी दुनिया में तबाही मचाने वाले डेल्टा वायरस 9 बार म्यूटेशन कर बहुत ज्यादा ताकतवर और घातक हो गया था. लेकिन आपको जानकार हैरानी होगी कि नया वायरस ओमिक्रॉन 32 बार म्यूटेशन कर चुका है. वायरस के म्यूटेशन से विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ओमिक्रॉन को वायरस ऑफ कंसर्न घोषित कर दिया गया है. पटना AIIMS के ट्रामा इमरजेंसी के HOD और कोरोना की दोनों लहर में जागरुकता पर काम करने वाले डॉक्टर अनिल कुमार ने ओमिक्रॉन का खतरा और वैक्सीन के इसपर असर के बारे में बताया है.


आपको याद है कि भारत में सबसे अधिक तबाही डेल्टा वैरिएंट ने मचाई थी. वह 9 बार म्यूटेशन कर बहुत ज्यादा खतरनाक हो गय था. नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने 32 बार म्यूटेशन किया है. बता दें कि डेल्टा इंडिया में 80 प्रतिशत से भी अधिक फैला. ओमिक्रॉन के म्यूटेशन के कारण यह बात सामने आई कि RT-PCR जांच में इसका S जीन डिटेक्ट नहीं हो पाता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसे वैरिएंट ऑफ कंसर्न बताया है. ऐसे में इसके खतरे का अंदाजा लगाया जा सकता है. 


वैरिएंट ऑफ कंसर्न का मतलब है कि यह वैक्सीन को भी निष्प्रभावी बनाने की क्षमता रखता है. डॉ अनिल का कहना है कि वैरियंट आफ कंसर्न वैक्सीन को फेल करने के साथ वैक्सीन को चकमा देकर लंग्स में चिपक जाता है. यह वैक्सीन का प्रभाव भी नहीं मानता है. इसी से इसके गंभीरता को समझा जा सकता है. इसलिए कोरोना के इस नए वैरिएंट से सतर्क रहने की सलाह दी गई है.

टैग्स