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IGIC पटना में पुराना आउटडोर भवन टूटेगा, मरीजों को मिलेगी नई पार्किंग की सुविधा

पटना के इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (IGIC) में मरीजों की सुविधा के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। रोगी कल्याण समिति की बैठक में तय हुआ कि पुराने आउटडोर भवन को तोड़कर वहाँ पार्किंग बनाई जाएगी। साथ ही हार्ट सर्जरी के लिए परफ्यूजनिस्ट की नियुक्ति..

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प्रमंडलीय आयुक्त ने किया निरीक्षण
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Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: पटना के अशोक राजपथ में PMCH स्थित इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (IGIC) में मरीजों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए एक बड़ा और अहम फैसला लिया गया है। रोगी कल्याण समिति की शासी निकाय की बैठक में आईजीआईसी के पुराने आउटडोर (OPD) भवन को तोड़कर उसकी जगह अत्याधुनिक पार्किंग सुविधा विकसित किये जाने का निर्णय लिया गया है। संस्थान की मौजूदा जरूरतों और भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखते हुए रोगी कल्याण समिति की शासी निकाय ने यह फैसला लिया है।


भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया निर्णय

रोगी कल्याण समिति की शासी निकाय की बैठक की अध्यक्षता प्रमंडलीय आयुक्त और रोगी कल्याण समिति के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने की। उन्होंने कहा कि IGIC बिहार राज्य का एकमात्र सरकारी सुपरस्पेशियलिटी कार्डियोलॉजी संस्थान है, यहाँ प्रतिदिन करीब 400 मरीज इलाज के लिए आते हैं। ऐसे में पार्किंग जैसी मूलभूत सुविधा की कमी मरीजों और उनके परिजनों के लिए काफी असुविधाजनक थी। पुराने OPD भवन को हटाकर वहां एक सुव्यवस्थित पार्किंग क्षेत्र विकसित किया जाएगा जो नए भवन से जुड़ा होगा और भविष्य में भवन के विस्तार में भी सहायक सिद्ध होगा।


इलाज की गुणवत्ता और तकनीकी संसाधनों में होगा इजाफा

बैठक में शामिल निदेशक डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि आईजीआईसी में अब शिशु हृदय चिकित्सा एवं शल्य चिकित्सा की सुविधाओं को उन्नत किया गया है। इसके अलावे हार्ट सर्जरी की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए परफ्यूजनिस्ट की नियुक्ति को लेकर भी निर्णय लिया गया है। आयुक्त ने इस पर सहमति जताते हुए कहा कि परफ्यूजनिस्ट कार्डियक सर्जरी टीम का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं जो ओपन हार्ट सर्जरी के दौरान विशेष उपकरणों का संचालन करते हैं। विभाग से समन्वय कर उनकी नियुक्ति की जाएगी।


दवाओं की उपलब्धता और खरीद पर भी फोकस

निदेशक डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि कई आवश्यक दवाओं को एसेंशियल ड्रग्स लिस्ट में शामिल किया जाना आवश्यक है ताकि भर्ती मरीजों को हर जरूरी दवा समय पर उपलब्ध कराई जा सके। आयुक्त ने बीएमएसआईसीएल से समन्वय स्थापित कर इस दिशा में त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया।


स्टरलाइजेशन सिस्टम की होगी व्यवस्था 

बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि संस्थान की स्टरलाइजेशन मशीन (CSSD) वर्तमान में काम नहीं कर रही है, जिससे पुराने तरीके से काम किया जा रहा है। आयुक्त ने निर्देश दिया कि मशीन के ऑपरेटर और आवश्यक रसायनों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए इसे शीघ्र सक्रिय किया जाए।


ओपीडी के निरीक्षण के बाद लिया फीडबैक

बैठक के बाद प्रमंडलीय आयुक्त ने IGIC के ओपीडी का निरीक्षण भी किया। उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद कर फीडबैक लिया और उन्हें बेहतर बैठने की सुविधा, पंखे और एयर कंडीशनर की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश अस्पताल प्रशासन को दिया। इस अहम बैठक में सिविल सर्जन डॉ. अविनाश कुमार, IGIC के संयुक्त निदेशक, क्षेत्रीय विकास पदाधिकारी विनय कुमार ठाकुर, तथा अन्य पदाधिकारी और समिति सदस्य उपस्थित रहे।

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