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NSMCH में फॉरेंसिक जुरिस्कोन 2026 का आगाज, देशभर के 250 डॉक्टरों ने लिया हिस्सा; राज्यपाल ने बताई अहमियत

बिहटा में आयोजित दो दिवसीय बिहार-झारखंड फॉरेंसिक कॉन्फ्रेंस 2026 में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने प्राकृतिक आपदाओं और घटनाओं की जांच में फॉरेंसिक विज्ञान की महत्वपूर्ण भूमिका बताई। सम्मेलन में देशभर से करीब 250 चिकित्सकों ने हिस्सा लिया

Patna News
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Patna News: देश मे लगातार प्राकृतिक आपदा की घटना घटित हो रहा है। जिसके दौरान काफ़ी संख्या मे आम जनजीवन प्रभावित होता आ रहा है। सैकड़ो की संख्या मे लोगो की जान जा रही हैं। जिसका पहचान करना काफ़ी कठिन होता हैं। जिसे आज फॉरेनसिक के माध्यम से पहचान कर उनलोगो को अपने स्वजन के हवाले करने का कार्य कर रही  हैं। घटित प्राकृतिक आपदा के अनुसंधान मे फॉरेनसिक के द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा की वैज्ञानिक प्रमानों के माध्यम से सत्य को स्थिर करना फॉरेनसिक का मुख्य कार्य है। 



वहीं कहा की ग्रामीण क्षेत्रो मे नीजी तकनीकी और चिकित्सा संस्थान को बढ़ावा देने की जरुरत है। आपदा और घटित घटना मे इंसाफ दिलाने के लिए फॉरेनसिक की भूमिका बहुत अहम भूमिका निभाने का कार्य कर रहा है। हमारी युवा को भी फॉरेनसिक के तरफ एक कदम आगे बढ़ने की जरुरत है। उक्त बाते मुख्य अतिथि राजयपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने बिहटा के अमहारा स्थित नेजाजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल के सभागार मे आयोजित दो दिवसीय स्टेट कॉन्फ्रेंस बिहार झारखण्ड "फॉरेनसिक जुरिस्कोन 2026" के अवसर पर सम्बोधित करते हुए कहा। 



कार्यक्रम का बिधिवत उद्घाटन राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान के बाद दीप प्रज्वलित कर संस्थान के प्रबंध निदेशक कृष्ण मुरारी, आईएएफएम प्रेसिडेंट प्रो सी बी जैनी, संस्थान के प्राचार्य प्रो डॉ हरिहर दीक्षित, डॉ नवीन कुमार, डॉ अरविन्द प्रसाद ने संयुक्त रूप से किया। वही फॉरेनसिक पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण मुख्य अतिथि ने किया। वही संस्थान के प्रबंध निदेशक कृष्ण मुरारी ने सम्बोधित करते हुए कहा की आज हमारी संस्थान के लिए गौरव की बात है की आज 23 वर्षो के बाद आयोजित स्टेट लेबल फॉरेनसिक कॉन्फ्रेंस का आयोजन मेरे संस्थान मे किया गया। 



वहीं कहा की आज हमारी संस्थान मे 22 हज़ार से अधिक छात्र छात्रा शिक्षा ग्रहण करने का कार्य कर रहा है। बिहार मे फॉरेनसिक डिपार्टमेंट ज्ञान, अनुभव और नया तकनिकों को समझाने का एक नया माध्यम है। वही उन्होंने कहा की समाज को आने वाले दिनों मे शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र मे हमारी संस्था अग्रणी भूमिका निभाने का कार्य कर रहा है।वही बताया की इस आयोजित कॉन्फ्रेंस के दौरान देश भर के 250 चिकित्सकों ने भाग लिया। इस मौके पर सैंकड़ो चिकित्सक छात्र और फैकल्टी मेंबर मौजूद थे।


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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता