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इंजीनियरों की बड़ी लापरवाही, पड़े रह गए 337 करोड़-पर नहीं हुई सड़कों की मरम्मत

PATNA : राज्य के इंजीनियरों की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. लापरवाही का आलम यह है कि इंजीनियरों के पास 337 करोड़ पड़े रह गए पर गांव की सड़कों के निर्माण या मरम्मत मद में उसे खर्च नहीं किया गया.</p

इंजीनियरों की बड़ी लापरवाही, पड़े रह गए 337 करोड़-पर नहीं हुई सड़कों की मरम्मत
Anamika
2 मिनट

PATNA : राज्य के इंजीनियरों की एक बड़ी लापरवाही सामने आई है. लापरवाही का आलम यह है कि इंजीनियरों के पास 337 करोड़ पड़े रह गए पर गांव की सड़कों के निर्माण या मरम्मत मद में उसे खर्च नहीं किया गया.

पिछले साल से  विभाग बार-बार इंजीनियरों को पत्र लिखकर चेतावनी दे रहा है कि वह या तो पैसा सरेंडर कर दे या बताए कि वे अपने पास बचे पैसे को कहां और किस सड़क में खर्च करेंगे. इंजीनियरों की इस कार्यशैली से परेशान हो विभाग के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी संजय दूबे ने एक आदेश जारी कर चेताया है कि अगर अविलंब पैसे की सही जानकारी नहीं दी गई तो अब उन पर अनुशासनात्मक कार्यवाई क जाएगी. 

बता दें कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत राज्य के ग्रामीण सड़कों की मरम्मत या निर्माण का कार्य होता है. इस मद में राज्य सरकार 40 फीसदी और केंद्र सरकार 60 फीसदी खर्च वहन करती है. विभाग के 36 कार्य प्रमंडलों में 337 करोड़ 74 लाख 63 हजार 558 रुपये अब भी बचे हैं. ये राशी समीक्षा के दौरान पता चली. जिसके बाद विभाग ने इंजीनियरों को चेतावनी दी है.