ब्रेकिंग
बिहार में NIA की बड़ी कार्रवाई: मुख्य पार्षद के घर छापेमारी से हड़कंप, करमुल्लाह अंसारी को साथ ले गई जांच एजेंसीअब गंगा में नहीं गिरेगा शहर का गंदा पानी, 19 नालों पर लगेगी रोक; 51 MLD STP से बदलेगी तस्वीरमामूली विवाद में खूनी खेल, चाकूबाजी में एक की मौत; तीन गंभीर घायल, इलाके में हड़कंपAshok Dham Stamped : 8 मौतों के बाद खुली प्रशासन की आंख! अब अशोक धाम में CCTV, बैरिकेडिंग और ‘एक ट्रेन’ का ज्ञानBihar News : बिहार के गांवों में अब खुलेगी मोबाइल नेटवर्क की पोल! डाक सेवक बताएंगे Airtel-Jio में किसका सिग्नल कितना दमदारबिहार में NIA की बड़ी कार्रवाई: मुख्य पार्षद के घर छापेमारी से हड़कंप, करमुल्लाह अंसारी को साथ ले गई जांच एजेंसीअब गंगा में नहीं गिरेगा शहर का गंदा पानी, 19 नालों पर लगेगी रोक; 51 MLD STP से बदलेगी तस्वीरमामूली विवाद में खूनी खेल, चाकूबाजी में एक की मौत; तीन गंभीर घायल, इलाके में हड़कंपAshok Dham Stamped : 8 मौतों के बाद खुली प्रशासन की आंख! अब अशोक धाम में CCTV, बैरिकेडिंग और ‘एक ट्रेन’ का ज्ञानBihar News : बिहार के गांवों में अब खुलेगी मोबाइल नेटवर्क की पोल! डाक सेवक बताएंगे Airtel-Jio में किसका सिग्नल कितना दमदार

दशहरा या विजयादशमी आज, जानें रावण दहन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

PATNA : आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को पूरे देश में दशहरा का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। सत्य की

दशहरा या विजयादशमी आज, जानें रावण दहन का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
Tejpratap
Tejpratap
2 मिनट

PATNA : आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी को पूरे देश में दशहरा का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है। सत्य की असत्य पर जीत के इस पर्व को विजयादशमी कहते हैं। इस दिन भगवान श्री राम ने रावण का वध कर लंका पर विजय प्राप्त की थी। मान्यता ये भी है कि मां दुर्गा ने महिषासुर नामक राक्षस का इसी दिन वध किया था। दशहरा के दिन शस्त्र पूजन करने की भी परंपरा है।


इस साल आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 23 अक्टूबर सोमवार यानी कल शाम 5 बजकर 44 मिनट से प्रारंभ हो चुकी है और दशमी तिथि का समापन 24 अक्टूबर यानी आज दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार, दशहरा 24 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा।


वहीं, इस साल रावण दहन के लिए 24 अक्टूबर को शाम 05.43 मिनट के बाद करना ठीक होगा। दशहरा पर रावण दहन के लिए सबसे उत्तम मुहूर्त शाम 07.19 मिनट से रात 08.54 मिनट तक है। 


आपको बताते चलें कि, चौकी पर लाल रंग के कपड़े को बिछाकर उस पर भगवान श्रीराम और मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित करें। इसके बाद हल्दी से चावल पीले करने के बाद स्वास्तिक के रूप में गणेश जी को स्थापित करें। नवग्रहों की स्थापना करें। अपने ईष्ट की आराधना करें ईष्ट को स्थान दें और लाल पुष्पों से पूजा करें, गुड़ के बने पकवानों से भोग लगाएं।