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BPSC अभ्यर्थियों के बाद अब पप्पू यादव ने खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजा, 150 पेज का पिटीशन किया फाइल

सुप्रीम कोर्ट द्वारा सुनवाई से इनकार करने के बाद BPSC परीक्षा में धांधली का मामला पटना हाई कोर्ट पहुंचा। अभ्यर्थियों के एक गुट के बाद अब पप्पू यादव ने पटना हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर परीक्षा को रद्द करने की मांग की।

BIHAR POLITICS
पटना हाई कोर्ट में याचिका दाखिल
© GOOGLE
Jitendra Vidyarthi
5 मिनट

PAPPU YADAV ON BPSC: 70वीं BPSC PT एग्जाम को लेकर अभ्यर्थियों का एक गुट पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहा है। अभ्यर्थी परीक्षा में धांधली का आरोप लगा रहे हैं और पूरी परीक्षा को रद्द कर फिर से परीक्षा आयोजित करने की मांग कर रहे हैं। सरकार की तरफ से पहल नहीं होता देख अभ्यर्थियों ने पटना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और परीक्षा को रद्द कर फिर से आयोजित करने की मांग की। अभ्यर्थियों के बाद अब पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पटना हाईकोर्ट पहुंच गये। पटना हाईकोर्ट में पप्पू यादव ने 150 पेज का पिटीशन फाइल किया है। 


छात्रों पर जो केस हुआ है। उसके लिए अलग से पिटीशन फाइल किया गया है। लाठी चार्ज के लिए भी अलग से पिटीशन फाइल किया गया है। पप्पू यादव ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बीपीएससी के इस आंदोलन को खत्म करने में कोचिंग माफिया का हाथ रहा है। प्रशांत किशोर पर पप्पू यादव ने तंज कसते हुए कहा कि इस नये सत्याग्रही ने आंदोलन को खत्म कर दिया। प्रशांत किशोर के अस्पताल जाने पर पप्पू यादव ने कहा कि हमने कोरोना में इतने दिनों लोगों की मदद की हम कभी अस्पताल नहीं गए। 


पप्पू यादव ने कहा कि मेदांता पर जांच हो, मेदांता के मालिक पर केस हो, जो डॉक्टर बुलेटिन जारी कर रहा है, वह फर्जी तरीके से बुलेटिन जारी कर रहा है। वाईवी गिरी को लेकर पप्पू यादव ने कहा कि लॉयर का काम ही है झूठ सच बोलना। वह हमेशा झूठ सच बोलते रहते हैं। पप्पू यादव ने कहा कि बीपीएससी मुद्दा नहीं है, मुद्दा है पेपर लीक। कई परीक्षाओं का पेपर लीक होते रहा है। जब भी पेपर लीक होता है तब संजीव मुखिया हो या फिर कोई और सभी परीक्षा माफियाओं का संबंध बड़े राजनीतिक नेताओं से होता रहा है। हमलोग ने निर्णय लिया है कि 31 मार्च को खुलने वाले सदन को हम किसी भी कीमत पर चलने नहीं देंगे। हमारी मांग है कि पेपर लीक मामले पर चर्चा हो कि देश में पेपर लीक कब बंद होगा।


इससे पहले बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा में व्यापक अनियमितताओं के आरोपों के मद्देनजर, परीक्षार्थी पप्पू कुमार एवं अन्य ने पटना उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है। याचिका में 13 दिसंबर को आयोजित इस परीक्षा को रद्द कर नए सिरे से आयोजित करने की मांग की गई है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली हुई है।


बता दें कि बीते 7 जनवरी को 70वीं BPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। CJI संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने इस मामले पर सुनवाई की थी। इस याचिका में प्रदर्शनकारी छात्रों पर किए गए लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार जिले के SP और DM के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की की गई थी। याचिका में व्यापक धांधली का भी आरोप लगाया गया था और इसकी जांच सुप्रीम के रिटायर जज की अध्यक्षता में सीबीआई से कराए जाने की मांग की गई थी। आनंद लीगल एड फोरम ट्रस्ट की ओर से यह याचिका दायर की गई थी।


BPSC प्रिलिम्स परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को पहले पटना हाईकोर्ट जाने की सलाह दी था। CJI संजीव खन्ना, जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने सुनवाई से इनकार किया था। CJI ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा था कि हम आपकी भावनाओं को समझते हैं। पहले आपको हाई कोर्ट जाना चाहिए था उसके बाद सुप्रीम कोर्ट का रुख करना चाहिए था। आप सीधे सुप्रीम कोर्ट नहीं आ सकते हैं।


पटना से सदन की रिपोर्ट



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