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Bihar weather alert : बिहार के 6 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट, 12 फरवरी के बाद बदलेगा मौसम

मौसम विभाग ने बिहार के छह जिलों में घने कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की है। 12 फरवरी के बाद मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है। यात्रियों और वाहन चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

Bihar weather alert : बिहार के 6 जिलों में घने कोहरे का अलर्ट, 12 फरवरी के बाद बदलेगा मौसम
Tejpratap
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Bihar weather alert : मौसम विभाग ने बिहार के छह जिलों के लिए चेतावनी जारी करते हुए घने कोहरे की आशंका जताई है। इस चेतावनी के तहत आने वाले कुछ दिनों तक इन जिलों में दृश्यता काफी कम रहने की संभावना है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान मौसमी परिस्थितियों के कारण कोहरे की यह स्थिति बनी हुई है, हालांकि 12 फरवरी के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।


मौसम विभाग के अनुसार, जिन छह जिलों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है, वहां सुबह और देर रात दृश्यता बेहद कम हो सकती है। इससे खासकर वाहन चालकों को सतर्क रहने की जरूरत है। कोहरे के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है, इसलिए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि यात्रा करनी पड़े तो पूरी सावधानी बरतें।


राज्य के कई हिस्सों में बीते कुछ दिनों से सुबह और रात के समय घना कोहरा छाया हुआ है। इससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। स्कूल जाने वाले बच्चों, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों और किसान वर्ग को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर किसानों के लिए सुबह के समय खेतों में काम करना कठिन हो गया है। वहीं, ट्रेनें और बसें भी देरी से चल रही हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा हो रही है।


मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और उत्तर-पश्चिमी हवाओं की कमजोर गति के कारण वातावरण में नमी बनी हुई है। यही नमी ठंडे तापमान के साथ मिलकर घने कोहरे का कारण बन रही है। इसके साथ ही रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे ठंड और बढ़ गई है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है।


स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि घने कोहरे और ठंड के कारण बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को घर से बाहर निकलते समय मास्क पहनने और गर्म कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। ठंड और नमी के कारण सर्दी, खांसी, जुकाम और फ्लू जैसी समस्याओं में बढ़ोतरी देखी जा सकती है।


प्रशासन ने सभी जिलों के जिला अधिकारियों और पुलिस प्रशासन को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। सड़क सुरक्षा के मद्देनजर मुख्य मार्गों और चौराहों पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। साथ ही, राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर चलने वाले वाहनों को कोहरे के दौरान धीमी गति से चलने और फॉग लाइट का प्रयोग करने की सलाह दी गई है।


मौसम विभाग ने यह भी संकेत दिया है कि 12 फरवरी के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। उस समय तापमान में हल्की वृद्धि और कोहरे की तीव्रता में कमी आने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की भी संभावना जताई जा रही है, जिससे मौसम में ताजगी आएगी और ठंड से कुछ राहत मिल सकती है।


हालांकि, तब तक लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय हाई बीम लाइट का प्रयोग करने से बचें, क्योंकि इससे सामने से आने वाले वाहन चालक को देखने में कठिनाई हो सकती है। इसके बजाय लो बीम या फॉग लाइट का इस्तेमाल करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें।


ग्रामीण इलाकों में भी कोहरे का असर अधिक देखा जा रहा है। खेतों, सड़कों और रेल पटरियों के आसपास दृश्यता बेहद कम हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे सुबह के समय खेतों में काम करने से पहले मौसम की स्थिति का आकलन करें और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाएं।


कुल मिलाकर, मौसम विभाग की यह चेतावनी लोगों को सतर्क करने के उद्देश्य से जारी की गई है। जब तक मौसम में बदलाव नहीं आता, तब तक सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे सावधानी बरतें, प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। 12 फरवरी के बाद संभावित मौसम बदलाव से राहत की उम्मीद जरूर है, लेकिन फिलहाल घने कोहरे की स्थिति को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है।