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Bihar Assembly : विधानसभा की शीतकालीन सत्र का आज चौथा दिन, राज्यपाल के अभिभाषण पर होगी चर्चा; उपाध्यक्ष का होगा चुनाव

बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में नरेन्द्र नारायण यादव निर्विरोध उपाध्यक्ष चुने गए। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा और धन्यवाद प्रस्ताव पर वाद-विवाद हुआ।

Bihar Assembly : विधानसभा की शीतकालीन सत्र का आज चौथा दिन, राज्यपाल के अभिभाषण पर होगी चर्चा;  उपाध्यक्ष का होगा चुनाव
Tejpratap
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Bihar Assembly : बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र का आज चौथा दिन है और सदन में कई महत्वपूर्ण घटनाओं और निर्णयों की झलक देखने को मिलेगी सत्र की शुरुआत होते ही उपाध्यक्ष का चुनाव होना है, जिसमें मधेपुरा जिले के आलमनगर विधानसभा क्षेत्र से आठवीं बार निर्वाचित नरेन्द्र नारायण यादव का निर्विरोध चुनाव तय हो गया है। उनका यह लगातार आठवां कार्यकाल है, जो उनकी लोकप्रियता और विधानसभा में अनुभव का परिचायक है।


आज सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा का भी क्रम है। इसके बाद धन्यवाद प्रस्ताव पेश किया जाएगा और विधायकों के द्वारा उस पर बहस की जाएगी। विधान परिषद में भी राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर वाद-विवाद होगा और सरकार इसका उत्तर प्रस्तुत करेगी। यह परंपरा हर सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण के बाद अपनाई जाती है, जिससे सरकार की नीतियों और योजनाओं पर विधायकों का रुख सामने आता है।


बिहार विधान परिषद में आज कई अहम संशोधन नियमावली सदन में रखी जाएगी। इनमें प्रमुख हैं – विधान मंडल के सदस्यों के वेतन, भत्ता और पेंशन संशोधन नियमावली 2025, बिहार अग्निशमन सेवा संशोधन नियमावली 2025, बिहार अमीन संवर्ग नियमावली 2025 और बिहार राज्य निर्वाचन आयुक्त नियुक्ति एवं सेवा शर्त संशोधन नियमावली 2025। इन नियमावलियों का उद्देश्य विभिन्न विभागों और सेवा क्षेत्रों में पारदर्शिता, सुधार और बेहतर प्रशासन सुनिश्चित करना है।


पिछले दिन, शीतकालीन सत्र के तीसरे दिन राज्यपाल का अभिभाषण हुआ। इस दौरान एक अनोखी घटना भी हुई जब 11.30 बजे राज्यपाल भाषण शुरू करने ही वाले थे कि माइक अचानक खराब हो गया। इसके बावजूद राज्यपाल ने अपना अभिभाषण जारी रखा। इस दौरान मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों ही आगे-पीछे देखकर माइक की खराबी का अंदाज़ा लगाने की कोशिश करते दिखे। लगभग पांच मिनट बाद राज्यपाल ने कहा कि “मैं थोड़ा जोर से बोल देता हूं,” और फिर उन्होंने पूरे अभिभाषण को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया।


राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिहार में शिक्षकों की संख्या अब 5.2 लाख तक पहुँच गई है, जो शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का संकेत है। इसके अलावा, राज्य के सभी 27 जिलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा। IGIMS को तीन हज़ार बेड के अस्पताल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुँच दोनों में सुधार लाएगा।


महिला रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है। इसके अलावा, अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चल रही हैं। सभी घरेलू उपभोक्ताओं को अब मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है, जो आम लोगों के जीवन में राहत और सुविधा लाने वाली महत्वपूर्ण पहल है।


अभिभाषण के बाद सदन में नेता और नेता विपक्ष का चुनाव भी संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सदन का नेता चुना गया, जबकि तेजस्वी यादव को नेता विरोधी के रूप में मान्यता दी गई। वहीं, नरेन्द्र नारायण यादव ने डिप्टी स्पीकर पद के लिए नामांकन भरा, जिसे निर्विरोध चुनने की प्रक्रिया पूरी होगी।


शीतकालीन सत्र के इस चौथे दिन की कार्यवाही ने यह दिखाया जाएगा कि बिहार सरकार राज्य की विकास योजनाओं और प्रशासनिक सुधारों पर गंभीरता से काम कर रही है। विधानसभा और परिषद दोनों ही सदनों में चर्चा और वाद-विवाद के माध्यम से सरकार की नीतियों और योजनाओं की समीक्षा की जा रही है, जिससे जनता के लिए बेहतर परिणाम सुनिश्चित किए जा सकें।