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Budget Session 2026 : बिहार विधानसभा बजट सत्र 2026: राज्यपाल ने बताया बिहार में शिक्षकों और पुलिसकर्मियों की संख्या, जानिए पूरा आकड़ा

बिहार विधानसभा बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने सुरक्षा और शिक्षा क्षेत्र में हुए सुधारों की जानकारी दी। राज्य में पुलिस बल और शिक्षकों की संख्या में वृद्धि की गई।

Budget Session 2026 : बिहार विधानसभा बजट सत्र 2026: राज्यपाल ने बताया बिहार में शिक्षकों और पुलिसकर्मियों की संख्या, जानिए पूरा आकड़ा
Tejpratap
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Budget Session 2026 : बिहार विधानसभा के बजट सत्र का आज पहला दिन है और इसी के साथ राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का अभिभाषण शुरू हुआ। उन्होंने अपने अभिभाषण में बिहार की सुरक्षा, शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई अहम जानकारियां दी। राज्यपाल ने बताया कि बिहार में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है। वर्तमान में राज्य में कुल 1,31,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिसमें महिला सिपाहियों की संख्या भी काफी अधिक है। राज्यपाल ने इस अवसर पर यह भी कहा कि बिहार देश में सबसे अधिक महिला सिपाहियों को भर्ती करवाने वाला राज्य बन गया है।


राज्यपाल ने आगे बताया कि पुलिस बल की संख्या में वृद्धि के साथ ही सुरक्षा बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया गया है। राज्य में नई पुलिस थानों और चौकियों की स्थापना की गई है। उन्होंने कहा कि पहले राज्य में कुल 814 पुलिस थाने और चौकियां थीं, जिन्हें अब बढ़ाकर 1,380 किया गया है। इसका उद्देश्य जनता की सुरक्षा और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना है।


राज्यपाल ने शिक्षा के क्षेत्र में हुई प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहार में लंबे समय तक शिक्षकों की कमी रही है। हालांकि, 2023 से पहले शिक्षकों का नियोजन शुरू हुआ और उसके बाद BPSC (बिहार लोक सेवा आयोग) के माध्यम से 2 लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली की गई। इनमें से कई शिक्षकों ने मामूली परीक्षा पास करके सरकारी शिक्षक के रूप में अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं। राज्यपाल ने यह भी कहा कि यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता और छात्रों के लिए बेहतर शिक्षा अवसर सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया। राज्य में शिक्षकों की कुल संख्या 5 लाख 24 हज़ार है। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। 


राज्यपाल ने यह भी बताया कि शिक्षा क्षेत्र में सुधारों के चलते बिहार में स्कूलों और शिक्षण संस्थानों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि यह सरकार की प्राथमिकता है कि शिक्षा के हर स्तर पर सुधार लाया जाए, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो।


इसके अलावा राज्यपाल ने सुरक्षा और शिक्षा के साथ-साथ प्रशासनिक सुधारों की दिशा में किए गए प्रयासों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने न केवल पुलिस बल और शिक्षकों की संख्या बढ़ाई है, बल्कि सरकारी सेवाओं को जनता के लिए अधिक सुलभ बनाने के लिए भी कई नई पहल की हैं। यह सभी कदम राज्य के समग्र विकास और सामाजिक न्याय को सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए गए हैं।


राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान सदन में सदस्यों ने भी इस पहल और विकास की सराहना की। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पुलिस बल में अधिक तैनात करना और शिक्षा क्षेत्र में सुधार करना राज्य की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्यपाल ने यह भी आश्वासन दिया कि भविष्य में भी सरकार जनता की सुरक्षा, शिक्षा और सामाजिक कल्याण के लिए निरंतर प्रयास करती रहेगी।


इस प्रकार राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के अभिभाषण ने बिहार में सुरक्षा, शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों की तस्वीर स्पष्ट कर दी है। पुलिस बल और महिला सिपाहियों की संख्या में वृद्धि, नए थानों की स्थापना और शिक्षकों की भर्ती के माध्यम से राज्य सरकार ने सुरक्षा और शिक्षा के क्षेत्र में ठोस कदम उठाए हैं। यह कदम बिहार को सामाजिक और आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।


सदन में यह भी चर्चा हुई कि बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य के नागरिकों के लिए सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण जीवन सुनिश्चित करना है। राज्यपाल के अनुसार, सुरक्षा और शिक्षा दोनों ही राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण स्तंभ हैं, और इन क्षेत्रों में सुधार से बिहार के भविष्य की नींव मजबूत होगी।


राज्यपाल ने अंत में कहा कि बिहार सरकार का प्रयास है कि सभी योजनाएं और परियोजनाएं जनता तक समय पर और प्रभावी रूप से पहुँचें। इसके लिए राज्य प्रशासन और सरकारी अधिकारियों को बेहतर प्रशिक्षण और संसाधन प्रदान किए जा रहे हैं। इस प्रकार, आज के बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण ने बिहार में सुरक्षा, शिक्षा और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में हुई प्रगति की व्यापक जानकारी दी और आगामी योजनाओं का रास्ता भी दिखाया।

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