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Bihar UPYOG Portal : बिहार में अब घर बैठे पास होगा मकान का नक्शा, ट्रेड लाइसेंस से पानी कनेक्शन तक की सुविधा ऑनलाइन; CM सम्राट ने लॉन्च किया UPYOG पोर्टल

बिहार में अब मकान का नक्शा पास कराने से लेकर ट्रेड लाइसेंस और पानी कनेक्शन लेने तक के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। CM सम्राट चौधरी ने UPYOG पोर्टल लॉन्च कर 264 शहरी निकायों में डिजिटल सेवाओं की शुरुआत की है।

Bihar UPYOG Portal
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Tejpratap
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5 मिनट

पटना : बिहार में मकान बनवाने की तैयारी कर रहे हैं या अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो आपके लिए बड़ी खबर है। अब भवन का नक्शा पास कराने, ट्रेड लाइसेंस बनवाने और पानी-सीवरेज का नया कनेक्शन लेने के लिए नगर निगम या नगर परिषद के दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ये तमाम काम अब मोबाइल और कंप्यूटर के जरिए घर बैठे ऑनलाइन किए जा सकेंगे।

दरअसल, बिहार सरकार ने शहरी सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना स्थित 'संकल्प' सभागार में राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन (NUDM) के तहत UPYOG पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के शुरू होने से राज्य के शहरी निकायों में सरकारी कामकाज का तरीका बदलने वाला है। सरकार का दावा है कि इससे लोगों को सुविधाएं मिलने में तेजी आएगी और सरकारी कार्यालयों पर निर्भरता कम होगी।

अब नक्शा पास कराने के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर

शहरों में मकान बनवाने वालों के सामने सबसे बड़ी परेशानियों में से एक भवन का नक्शा पास कराना होता है। इसके लिए लोगों को कई बार नगर निगम और संबंधित कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। लेकिन अब UPYOG पोर्टल के माध्यम से भवन का नक्शा स्वीकृत कराने की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी।

आवेदक अपने मोबाइल या कंप्यूटर से आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की स्थिति भी डिजिटल माध्यम से देखी जा सकेगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद जरूरी प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकेगा। इससे लोगों का समय बचेगा और फाइलों के चक्कर में होने वाली देरी कम होने की उम्मीद है।

ट्रेड लाइसेंस से लेकर पानी कनेक्शन तक, सबकुछ ऑनलाइन

UPYOG पोर्टल सिर्फ मकान का नक्शा पास कराने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए व्यापारियों और आम शहरी नागरिकों को भी कई सुविधाएं मिलेंगी। अब दुकान या कारोबार के लिए ट्रेड लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया ऑनलाइन की गई है। इसके अलावा घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए पानी और सीवरेज का नया कनेक्शन लेने की सुविधा भी पोर्टल पर उपलब्ध होगी। नगर विकास विभाग ने पहले चरण में कुल 19 मॉड्यूल में से 10 को लाइव कर दिया है। बाकी मॉड्यूल भी चरणबद्ध तरीके से शुरू किए जाने हैं।

पहले चरण में इन 10 सेवाओं पर रहेगा फोकस

सरकार ने नगर निकायों के कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए कई डिजिटल मॉड्यूल शुरू किए हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • भवन नक्शा स्वीकृति प्रबंधन

  • ट्रेड लाइसेंस प्रबंधन

  • जल कनेक्शन और सीवरेज सेवाएं

  • विज्ञापन प्रबंधन

  • परिसंपत्ति प्रबंधन

  • वाहन बेड़ा प्रबंधन

  • नगरपालिका लेखा प्रबंधन

  • सामग्री प्रबंधन

  • लोक शिकायत निवारण

  • अन्य शहरी प्रशासनिक सेवाओं का डिजिटल प्रबंधन

इन सुविधाओं से नगर निकायों में कामकाज की निगरानी आसान होगी। खासकर आम लोगों की शिकायतों और आवेदनों को ट्रैक करने में मदद मिलेगी। इससे यह भी पता चल सकेगा कि किस काम में कितनी प्रगति हुई है।

बिहार के सभी 264 शहरी निकायों में लागू होगा सिस्टम

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे सिर्फ पटना या बड़े शहरों तक सीमित नहीं रखा गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि UPYOG पोर्टल को बिहार के सभी 264 शहरी स्थानीय निकायों में लागू किया गया है। इसका फायदा नगर निगमों के साथ-साथ नगर परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी मिलेगा। यानी छोटे शहरों और कस्बों में रहने वाले नागरिक भी डिजिटल माध्यम से नगर निकायों की सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य शहरी प्रशासन को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। तकनीक के इस्तेमाल से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और लोगों को सरकारी सुविधाएं समय पर मिल सकेंगी।

पटना में 8.5 एकड़ जमीन पर बनेगा आधुनिक आवासीय प्रोजेक्ट

UPYOG पोर्टल की लॉन्चिंग के दौरान बिहार सरकार ने शहरी विकास से जुड़ी एक और बड़ी योजना पर काम आगे बढ़ाया। इसके तहत राष्ट्रीय भवन निर्माण निगम (NBCC) के साथ महत्वपूर्ण समझौता किया गया है। समझौते के अनुसार, पटना में टीवी टावर के पास स्थित करीब 8.5 एकड़ खाली जमीन पर आधुनिक आवासीय परियोजना विकसित की जाएगी। इस प्रोजेक्ट के जरिए राजधानी में आधुनिक शहरी सुविधाओं से युक्त आवासीय ढांचा तैयार करने की योजना है।

गर्दनीबाग में बनेगा हाईटेक टेक पार्क

बिहार के युवाओं को आईटी और तकनीकी क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर देने के लिए गर्दनीबाग में अत्याधुनिक टेक पार्क बनाने का भी फैसला लिया गया है। इसके लिए सूचना प्रावैधिकी विभाग और NBCC के बीच एमओयू किया गया है। सरकार की योजना इस क्षेत्र में आधुनिक तकनीकी ढांचा विकसित करने की है, जिससे आईटी सेक्टर से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। इसके अलावा जल संसाधन विभाग के पुराने निरीक्षण भवनों (IB) को भी नए स्वरूप में विकसित कर आधुनिक टावर के रूप में तैयार करने की योजना है।

कार्यक्रम में दोनों डिप्टी सीएम समेत कई बड़े अधिकारी मौजूद

UPYOG पोर्टल के शुभारंभ के मौके पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और नगर विकास मंत्री नीतीश मिश्रा मौजूद रहे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार भी कार्यक्रम में शामिल हुए। राज्य के सभी नगर निगमों के मेयर, डिप्टी मेयर, वार्ड पार्षद और नगर आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़े। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को पोर्टल के बारे में जागरूक करने की अपील की।

कुल मिलाकर, बिहार सरकार की यह पहल शहरी नागरिकों के लिए राहत भरी साबित हो सकती है। अगर पोर्टल पर शुरू की गई सेवाएं तय समय पर और पारदर्शी तरीके से काम करती हैं, तो मकान का नक्शा पास कराने से लेकर ट्रेड लाइसेंस और पानी कनेक्शन तक के लिए सरकारी दफ्तरों की दौड़ काफी हद तक खत्म हो सकती है।