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BIHAR: प्रत्येक गुरुवार को 'उद्योग वार्ता' का होगा आयोजन, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत सुनेंगे निवेशकों की समस्या

बिहार सरकार ने निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान और राज्य में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में ‘उद्योग वार्ता’ की शुरुआत की है। हर गुरुवार आयोजित होने वाली यह बैठक निवेशकों को सीधे शीर्ष अधिकारियों से जोड़कर

बिहार
उद्योग वार्ता की शुरुआत
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
4 मिनट

PATNA: बिहार को औद्योगिक मानचित्र पर एक प्रमुख स्थान दिलाने और राज्य में निवेश को गति देने के लिए, बिहार सरकार के दूरदर्शी पहल के तहत बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 'उद्योग वार्ता' की शुरुआत की है। यह पहल निवेशकों को सीधे उच्च-स्तरीय सरकारी अधिकारियों से जोड़कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेगी। निवेशक बिना किसी अपॉइंटमेंट के निर्धारित समय पर सीधे मुख्य सचिव से मिल पाएंगे।


 'उद्योग वार्ता' अब प्रत्येक गुरुवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक, स्वयं मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित की जाएगी। इस बैठक की महत्ता को देखते हुए, इसमें उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार, निदेशक, मुकुल कुमार गुप्ता और ऊर्जा विभाग के सचिव मनोज कुमार सिंह भी नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे।


“उद्योग वार्ता” बिहार में निवेश करने के इच्छुक या उद्योग स्थापित करने के दौरान किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना कर रहे सभी निवेशकों के लिए एक समर्पित वन-स्टॉप सॉल्यूशन साबित होगा। अगले सप्ताह से, बाहरी निवेशकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, यह बैठक पटना एयरपोर्ट के समीप स्थित वायुयान संगठन निदेशालय, बिहार सरकार में आयोजित की जाएगी।


'उद्योग वार्ता' के पहले दिन ही देश-विदेश के कई प्रमुख निवेशकों ने बिहार में निवेश करने के लिए उत्कृष्ट रुचि दिखाई। इन निवेशकों का मुख्य उद्देश्य अपने राज्य के लिए योगदान देना और पलायन की समस्या को दूर कर 'बिहार वापसी' को संभव बनाना था। उनका मानना था कि बिहार में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, और यदि यहाँ उद्योगों की संख्या बढ़ती है, तो युवाओं के लिए रोज़गार के व्यापक अवसर सृजित होंगे।


Tensor Analytics के संस्थापक किसलय सिंह, ने डेटा इंटीग्रेशन और संबंधित कार्यों में राज्य सरकार के सहयोग से निवेश करने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से वह डीसी वाशिंगटन से बिहार लौटकर राज्य के विकास में सहयोग कर सकेंगे। Tiger Analytics के सीईओ महेश कुमार ने यूएसए से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़कर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक जरूरतों को रेखांकित किया।


 उन्होंने बिहार को टेक हब के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने की अपनी मंशा ज़ाहिर की। इसके अतिरिक्त, Avisys Services Pvt. Ltd. के सीईओ हर्षवर्धन कुमार, ब्रांड रणनीतिकार सचिन भारद्वाज, डालमिया सीमेंट के कॉर्पोरेट मामलों के प्रमुख राजेश कुमार, Sealink Fire and Safety LLP, मुंबई के सीईओ सुशील के. सिंह, और Genesis Company के गितेश विश्वास जैसे प्रमुख उद्योगपतियों ने भी राज्य में निवेश करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।


मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने निवेशकों का उत्साहपूर्वक स्वागत करते हुए कहा कि बिहार के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'उद्योग वार्ता' राज्य सरकार को अच्छे और गंभीर निवेशकों के साथ सीधे काम करने का अवसर देगी।


मुख्य सचिव ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि सरकार की ओर से उन्हें हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि निवेश को बढ़ावा देने के लिए किसी भी प्रकार की नई नीति लानी पड़ेगी या पुरानी नीतियों में संशोधन की आवश्यकता होगी, तो राज्य सरकार बिना किसी विलंब के वह करेगी।


बिहार सरकार, राज्य को सिर्फ कृषि प्रधान क्षेत्र के रूप में नहीं, बल्कि उद्योगों, विशेष रूप से आईटी और एआई जैसे उभरते क्षेत्रों के एक केंद्र (टेक हब) के रूप में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। 'उद्योग वार्ता' का शुभारंभ इसी दिशा में एक मील का पत्थर है, जो यह सुनिश्चित करेगा कि बिहार देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए।