Bihar News : बिहार सरकार के “सहयोग शिविर” कार्यक्रम की मंगलवार से पूरे प्रदेश में शुरुआत हो गई। सारण जिले के डुमरी बुजुर्ग पंचायत में आयोजित शिविर में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जनता को संबोधित करते हुए बड़ा ऐलान किया कि अब सरकारी अधिकारियों को जनता की समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर करना होगा। तय समय में काम नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम में सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, विधायक विनय कुमार सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार जनता के दरवाजे तक न्याय और समाधान पहुंचाने के उद्देश्य से “सहयोग पोर्टल” और हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी कर चुकी है। इसी व्यवस्था को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए पंचायतों में सहयोग शिविर लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि अब हर आवेदन की मॉनिटरिंग सीधे सरकार करेगी। आवेदन मिलने के 10 दिन बाद पहला नोटिस, 20 दिन बाद दूसरा नोटिस और 25 दिन बाद तीसरा नोटिस संबंधित अधिकारी को भेजा जाएगा। यदि 30 दिनों के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 31वें दिन अधिकारी को स्वतः निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था अंचल, थाना, ब्लॉक, शिक्षा विभाग और अन्य सभी सरकारी कार्यालयों पर लागू होगी। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाएं सिर्फ कागज पर चलाने के लिए नहीं, बल्कि जनता की परेशानियां खत्म करने के लिए काम कर रही है। लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और जनता की समस्या का समाधान करना सरकार का दायित्व है।
डुमरी बुजुर्ग पंचायत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां अब तक 54 आवेदन प्राप्त हुए थे और जिला प्रशासन ने सभी मामलों का निष्पादन कर दिया है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई मामला न्यायालय में लंबित है तो उसकी जानकारी देकर कार्रवाई करनी होगी, लेकिन फाइल दबाकर रखने की प्रवृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने सोनपुर क्षेत्र के विकास को लेकर भी कई बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि इस इलाके में एयरपोर्ट, टाउनशिप और बाबा हरिहरनाथ के नाम से नया टाउनशिप विकसित किया जाएगा। जिन लोगों की जमीन अधिग्रहण में जाएगी और घर में शादी या अन्य जरूरी जरूरतें होंगी, उन्हें सरकार चार गुना मुआवजा देने का काम करेगी।
उन्होंने कहा कि सोनपुर को पटना और नोएडा की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। गंगा नदी के किनारे “गंगा अंबिका पथ” बनाया जाएगा, जो क्षेत्र के पांच बड़े पुलों को जोड़ेगा। इसके अलावा उद्योग और फैक्ट्री लगाने की दिशा में भी सरकार तेजी से काम कर रही है ताकि बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए बाहर न जाना पड़े।
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर भी सम्राट चौधरी ने कई घोषणाएं कीं। उन्होंने बताया कि राज्य के 211 प्रखंडों में जहां डिग्री कॉलेज नहीं हैं, वहां जुलाई से नए कॉलेज शुरू किए जाएंगे। साथ ही 544 प्रखंडों में मॉडल स्कूल खोलने की योजना पर काम चल रहा है ताकि सरकारी स्कूलों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर उन्होंने कहा कि अब मामूली बीमारियों में मरीजों को पटना रेफर करने की प्रवृत्ति खत्म की जाएगी। 15 अगस्त तक ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि अनुमंडल और जिला अस्पतालों में ही अधिकतर इलाज उपलब्ध हो सके। बिना जरूरत मरीज को रेफर करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अंत में सम्राट चौधरी ने कहा कि सहयोग शिविर हर महीने दो बार पंचायत स्तर पर लगाए जाएंगे और सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के हर नागरिक को उसके घर के पास ही न्याय और समाधान मिले।




