ब्रेकिंग
2 करोड़ लोग ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े, बोले प्रशांत किशोर..जनता की नाराजगी सरकार को समझनी चाहिएपटना के होटल में पॉलिटेक्निक छात्रा से छेड़छाड़ का प्रयास, पिता के सामने अगवा करने की कोशिशजन्मदिन पर नितिन नवीन से मिलने पहुंचे खेसारी लाल यादव, भाजपा में शामिल होने के सवाल पर बोले- ‘मैं RJD के साथ था, हूं और रहूंगा’विजय बनकर इमरान शेख ने हिंदू युवती से किया निकाह, जबरन धर्म बदलने और गोमांस खिलाने का आरोप, मुख्य आरोपी दो भाईयों के साथ गिरफ्तार‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की वेबसाइट ठप, अभिजीत दिपके ने केंद्र पर लगाया तानाशाही का आरोप2 करोड़ लोग ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़े, बोले प्रशांत किशोर..जनता की नाराजगी सरकार को समझनी चाहिएपटना के होटल में पॉलिटेक्निक छात्रा से छेड़छाड़ का प्रयास, पिता के सामने अगवा करने की कोशिशजन्मदिन पर नितिन नवीन से मिलने पहुंचे खेसारी लाल यादव, भाजपा में शामिल होने के सवाल पर बोले- ‘मैं RJD के साथ था, हूं और रहूंगा’विजय बनकर इमरान शेख ने हिंदू युवती से किया निकाह, जबरन धर्म बदलने और गोमांस खिलाने का आरोप, मुख्य आरोपी दो भाईयों के साथ गिरफ्तार‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की वेबसाइट ठप, अभिजीत दिपके ने केंद्र पर लगाया तानाशाही का आरोप

बिहार: सभी तबके के गरीब भूमिहीनों को मिलेगी 5 डिसमिल जमीन, सरकार ने कर ली तैयारी

DESK: बिहार में भूमिहीन लोगों को सरकार बड़ी राहत देने जा रही है। राज्य सरकार ने एससी एसटी और अतिपिछड़ा के साथ ही पिछड़ा और सवर्ण तबके के भूमिहीनों को भी पांच डिसमिल जमीन देने वाली ह

बिहार: सभी तबके के गरीब भूमिहीनों को मिलेगी 5 डिसमिल जमीन, सरकार ने कर ली तैयारी
First Bihar
2 मिनट

DESK: बिहार में भूमिहीन लोगों को सरकार बड़ी राहत देने जा रही है। राज्य सरकार ने एससी एसटी और अतिपिछड़ा के साथ ही पिछड़ा और सवर्ण तबके के भूमिहीनों को भी पांच डिसमिल जमीन देने वाली है। फिलहाल जो प्रावधान है, उसके मुताबिक़ सरकार किसी भी वर्ग के गरीब भूमिहीनों को जमीन दे सकती है। लेकिन, सरकार हर परिवार को पांच डिसमिल जमीन देगी, लेकिन केवल एससी-एसटी और ईबीसी वर्ग के लिए ही ये प्रावधान लागू है। अब जल्द यह प्रावधान सभी वर्ग के भूमिहीनों के लिए लागू होगा। राजस्व और भूमि सुधार विभाग में इससे संबंधित मसौदा को अंतिम रूप देने की कवायद तेजी से चल रही है। इसके बाद इससे जुड़े नियम में अंतिम रूप से संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट में पेश किया जाएगा। कैबिनेट की मुहर लगते ही यह नयी व्यवस्था पूरे राज्य में लागू हो जाएगी। 


वर्तमान की बात करें तो विभाग के पास ऐसा कोई आंकड़ा या संख्या नहीं है, जिससे सामान्य या अन्य सभी वर्ग में भूमिहीन लोगों की संख्या का पता चल सके। इस प्रावधान के लागू होने के बाद ही इससे जुड़े कोई आकलन विभाग के स्तर पर किया जाएगा।


दूसरे राज्यों की बात की जाए तो हर राज्य में सरकार भूमिहीनों को जमीन देती है, लेकिन किस वर्ग के लोगों को मिलेगा और किस वर्ग के लोगों को नहीं, इसको स्पष्ट नही किया गया। अलग-अलग राज्यों में इसे लेकर अलग-अलग नियम है। 

टैग्स