ब्रेकिंग
Bihar News : बांकीपुर उपचुनाव: बूथ अध्यक्ष से विधानसभा उम्मीदवार तक पहुंचे अभिषेक बंटी, बीजेपी ने साधारण कार्यकर्ता पर जताया भरोसाBihar News : बिहार में PhD के नियम बदल गए! अब 7.5 CGPA वालों को बिना मास्टर मिलेगी सीधी एंट्रीBihar News : बिहार को मिली बड़ी सौगात! सुपौल से दरभंगा के बीच बनेगा नया नेशनल हाईवे, इन जिलों की बदल जाएगी तस्वीरBihar News: TRE 4 अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी! 25 जुलाई तक BPSC को जाएगी अधियाचना, भर्ती प्रक्रिया होगी तेजBihar weather: बिहार में मानसून बेहाल! 55% कम बारिश, इन 5 जिलों में भारी वर्षा और वज्रपात का बड़ा अलर्टBihar News : बांकीपुर उपचुनाव: बूथ अध्यक्ष से विधानसभा उम्मीदवार तक पहुंचे अभिषेक बंटी, बीजेपी ने साधारण कार्यकर्ता पर जताया भरोसाBihar News : बिहार में PhD के नियम बदल गए! अब 7.5 CGPA वालों को बिना मास्टर मिलेगी सीधी एंट्रीBihar News : बिहार को मिली बड़ी सौगात! सुपौल से दरभंगा के बीच बनेगा नया नेशनल हाईवे, इन जिलों की बदल जाएगी तस्वीरBihar News: TRE 4 अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी! 25 जुलाई तक BPSC को जाएगी अधियाचना, भर्ती प्रक्रिया होगी तेजBihar weather: बिहार में मानसून बेहाल! 55% कम बारिश, इन 5 जिलों में भारी वर्षा और वज्रपात का बड़ा अलर्ट

Bankipur By Election 2026 : बांकीपुर जीतने के लिए BJP ने चला बड़ा दांव! खुद राष्ट्रीय अध्यक्ष उतरेंगे मैदान में, बढ़ी RJD और PK की टेंशन

बांकीपुर उपचुनाव को लेकर बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 9 जुलाई को पटना पहुंचकर अभिषेक बंटी के समर्थन में प्रचार करेंगे और चुनावी रणनीति पर पार्टी नेताओं के साथ अहम बैठक करेंगे।

Bankipur By Election 2026
Bankipur By Election 2026
© ai photo
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bankipur By Election 2026 : बिहार की सबसे चर्चित विधानसभा सीटों में शामिल बांकीपुर उपचुनाव अब पूरी तरह राजनीतिक प्रतिष्ठा की लड़ाई बन चुका है। भारतीय जनता पार्टी ने इस सीट से अभिषेक बंटी को उम्मीदवार बनाया है और अब चुनावी अभियान को धार देने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन खुद पटना पहुंच रहे हैं। उनका यह दौरा केवल चुनाव प्रचार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उपचुनाव की रणनीति, संगठन की तैयारियों और एनडीए के चुनावी समीकरणों पर भी व्यापक मंथन होगा।


बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ रही है। इस सीट से नितिन नवीन लगातार कई बार विधायक चुने गए और उन्होंने पार्टी के लिए मजबूत जनाधार तैयार किया। उनके राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह सीट खाली हुई, जिसके कारण यहां उपचुनाव कराया जा रहा है। 30 जुलाई को होने वाले मतदान को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।


इस बार मुकाबला बेहद रोचक माना जा रहा है। भाजपा ने अभिषेक बंटी पर भरोसा जताया है, जबकि राष्ट्रीय जनता दल ने रेखा गुप्ता को मैदान में उतारा है। वहीं जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में बांकीपुर का चुनाव त्रिकोणीय मुकाबले में बदलता दिखाई दे रहा है, जिस पर पूरे बिहार की नजर टिकी हुई है।


भाजपा नेतृत्व इस सीट को किसी भी कीमत पर अपने कब्जे में बनाए रखना चाहता है। यही वजह है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 9 जुलाई को दो दिवसीय बिहार दौरे पर पटना पहुंचेंगे। उपचुनाव की घोषणा के बाद यह उनका पहला बिहार दौरा होगा, जिसे संगठन और चुनाव दोनों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


सूत्रों के अनुसार, पटना पहुंचने के बाद नितिन नवीन सबसे पहले महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे। इसके बाद वे बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। पार्टी प्रत्याशी अभिषेक बंटी के समर्थन में आयोजित जनसभा में भी उनके शामिल होने की संभावना है। इसके अलावा वे नामांकन कार्यक्रम में भी मौजूद रह सकते हैं, जिससे भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।


दौरे के दौरान भाजपा अध्यक्ष राज्य के वरिष्ठ नेताओं और संगठन पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग बैठकों में शामिल होंगे। इन बैठकों में बांकीपुर उपचुनाव की रणनीति, बूथ स्तर की तैयारियों, चुनाव प्रचार अभियान और विपक्ष की रणनीति का जवाब देने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और आगामी चुनावी चुनौतियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा।


10 जुलाई को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सरकारी आवास पर एनडीए के जिला अध्यक्षों की बैठक प्रस्तावित है। इस बैठक में भी नितिन नवीन के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। बैठक में संगठन को और मजबूत बनाने, कार्यकर्ताओं के समन्वय तथा चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष पटना से वापस रवाना हो जाएंगे।


राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांकीपुर उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह बिहार की राजनीति का बड़ा शक्ति परीक्षण बन चुका है। भाजपा अपने पारंपरिक गढ़ को बचाने की चुनौती से जूझ रही है, जबकि राजद यहां नई राजनीतिक जमीन तलाश रहा है। दूसरी ओर प्रशांत किशोर की मौजूदगी ने मुकाबले को और अधिक दिलचस्प बना दिया है।


अब सभी की नजरें 30 जुलाई को होने वाले मतदान और उससे पहले चलने वाले चुनाव प्रचार पर टिकी हैं। भाजपा नेतृत्व के लगातार सक्रिय होने से साफ संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी इस सीट को लेकर कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है और जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर चुकी है।