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बिहार के ग्रामीण इलाकों में भी अब मकान बनाने से पहले नक्शा अनिवार्य, नियमावली का प्रारूप तैयार; जल्द होगा लागू

Bihar News: बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में बहुमंजिला भवन निर्माण से पहले नक्शा पास कराना अनिवार्य करने की तैयारी सरकार ने शुरू कर दी है. रेरा की तर्ज पर प्राधिकार बनाने की योजना है. इसमें भी बिल्डरों पर सख्त नियम लागू होंगे.

Bihar News
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Mukesh Srivastava
2 मिनट

Bihar News: बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में अब बहुमंजिला इमारत या मकान बनाने से पहले नक्शा पास कराना अनिवार्य किया जा सकता है। पंचायती राज विभाग ने इसके लिए नई नियमावली का प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसे जल्द लागू किए जाने की संभावना है। इस प्रस्ताव को विधि विभाग और उच्चस्तरीय समिति की मंजूरी के बाद राज्य मंत्रिपरिषद और फिर विधानमंडल से पारित कराया जाएगा।


शहरों से सटे ग्रामीण इलाकों में तेजी से बढ़ रहे अपार्टमेंट निर्माण को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है, ताकि अनियंत्रित और अवैध निर्माण पर रोक लगाई जा सके। नई नियमावली में रेरा (रियल एस्टेट विनियमन और विकास अधिनियम) की तर्ज पर एक प्राधिकरण गठित करने का प्रावधान है। यह प्राधिकरण ग्रामीण क्षेत्रों में बनने वाली बहुमंजिला इमारतों के नक्शे को स्वीकृति देगा और निर्माण कार्यों की निगरानी भी करेगा।


नियमों के अनुसार, 500 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाली परियोजनाओं को पंजीकृत कराना होगा। साथ ही, बिल्डरों को खरीदारों से प्राप्त राशि का 70 प्रतिशत अलग खाते में रखना होगा, जिसका उपयोग केवल उसी परियोजना के निर्माण में किया जा सकेगा। इसके अलावा, समय पर कब्जा नहीं देने पर बिल्डरों को खरीदारों को ब्याज सहित हर्जाना देना होगा।


प्राधिकरण के समक्ष बिल्डरों को परियोजना का लेआउट, निर्माण योजना, सरकारी स्वीकृतियां और कार्य प्रगति की पूरी जानकारी साझा करनी होगी। साथ ही, बिल्डअप एरिया और कारपेट एरिया का स्पष्ट विवरण देना भी अनिवार्य होगा, ताकि खरीदारों से किसी प्रकार की धोखाधड़ी न हो।


इसके अलावा, निर्माण के बाद पांच वर्षों के भीतर यदि किसी प्रकार की संरचनात्मक खामी या निर्माण दोष पाया जाता है, तो बिल्डर को उसे मुफ्त में ठीक करना होगा। खरीदारों को किसी भी शिकायत की स्थिति में संबंधित प्राधिकरण के पास शिकायत दर्ज कराने का अधिकार भी मिलेगा।

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FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता