Bihar Road Project : बिहार के गांवों की सड़क होगी चकाचक, सरकार ने तैयार किया ख़ास प्लान; जानिए क्या है पूरा अपडेट

Bihar Road Project के तहत 2026 तक 13,814 गांवों में 16,652 किमी सड़क बनेगी। PMGSY के तहत 300 किमी सड़क और 300 पुल का लक्ष्य तय।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Thu, 26 Feb 2026 09:52:41 AM IST

Bihar Road Project : बिहार के गांवों की सड़क होगी चकाचक, सरकार ने तैयार किया ख़ास प्लान; जानिए क्या है पूरा अपडेट

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Bihar Road Project : मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बिहार में ग्रामीण सड़कों के निर्माण को लेकर बड़ा अभियान शुरू हो चुका है। ग्रामीण कार्य विभाग ने राज्य के गांवों और टोलों को पक्की व बारहमासी सड़क से जोड़ने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। लक्ष्य है कि साल 2026 के भीतर 100 या उससे अधिक आबादी वाले सभी छूटे हुए इलाकों को सड़क संपर्कता प्रदान कर दी जाए।


विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल 13,814 ऐसे इलाके चिन्हित किए गए हैं जहां अब तक पक्की सड़क की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इन क्षेत्रों में लगभग 16,652 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाएगा। यह परियोजना न केवल ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और रोजगार के अवसरों तक लोगों की पहुंच को भी आसान बनाएगी।


2026-27 के लिए तय लक्ष्य

साल 2026-27 के लिए विभाग ने 4,500 इलाकों में सड़कों की स्वीकृति देने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत करीब 3,000 किलोमीटर लंबाई की नई ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाएगा। विभाग का स्पष्ट संकल्प है कि राज्य का कोई भी हिस्सा पक्की और बारहमासी सड़क संपर्क से वंचित न रहे।


इसके अलावा ग्रामीण टोला संपर्क निश्चय योजना के तहत 100 से 249 आबादी वाले 4,643 टोलों को एकल सड़क संपर्कता प्रदान करने का लक्ष्य तय किया गया है। इन टोलों में बचे हुए सड़क निर्माण कार्य को भी 2026-27 तक पूरा करने की योजना है।


PMGSY के तहत 300 किमी सड़क और 300 पुल

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत भी राज्य में तेज रफ्तार से काम किया जाएगा। 2026-27 में 300 किलोमीटर नई सड़कों और 300 पुलों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पुलों के निर्माण से बाढ़ और बरसात के दौरान संपर्क बाधित होने की समस्या में भी कमी आएगी।


नई सड़कों के निर्माण के साथ-साथ विभाग पुरानी सड़कों के रखरखाव और सुधार पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। सभी सड़कों के शुरुआती सुधार, माइनर इम्प्रूवमेंट और सरफेस रिन्यूवल का काम समयबद्ध तरीके से पूरा करने की रणनीति बनाई गई है।


अब तक की प्रगति

विभाग की ओर से अब तक कुल 18,166 ग्रामीण सड़कों को स्वीकृति दी जा चुकी है, जिनकी कुल लंबाई 30,966 किलोमीटर है। इनमें से 470 सड़कों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। साथ ही 9,176 किलोमीटर सड़क के सतह (सरफेस) का कार्य भी पूरा हो चुका है।


यह प्रगति दर्शाती है कि राज्य सरकार ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए गंभीर है। बेहतर सड़क संपर्कता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, कृषि उत्पादों की ढुलाई आसान होगी और गांवों में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।


हर गांव तक सुगम आवागमन का लक्ष्य

ग्रामीण कार्य विभाग का उद्देश्य सिर्फ सड़क बनाना नहीं, बल्कि हर गांव तक सालभर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित करना है। बारहमासी सड़कों के निर्माण से बारिश के मौसम में कटाव और जलभराव की समस्या कम होगी। इससे बच्चों की स्कूल तक पहुंच, मरीजों को अस्पताल तक ले जाने और किसानों को बाजार तक अपनी उपज पहुंचाने में बड़ी सहूलियत मिलेगी।


निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विभाग ने मॉनिटरिंग व्यवस्था भी मजबूत की है। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि निर्माण कार्य में किसी तरह की देरी न हो।अगर यह मेगा प्लान तय समय पर पूरा होता है तो बिहार के ग्रामीण इलाकों की तस्वीर बदल सकती है। सड़क संपर्कता के जरिए गांवों में विकास की नई रफ्तार देखने को मिलेगी और राज्य के समग्र विकास को मजबूती मिलेगी।