Bihar weather: बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आधिकारिक प्रवेश से पहले ही मौसम ने करवट ले ली है। राज्य के कई जिलों में शनिवार सुबह से ही बारिश का सिलसिला शुरू हो गया। पूर्णिया, भागलपुर, सुपौल सहित पूर्वी और उत्तर-पूर्वी बिहार के कई इलाकों में झमाझम बारिश दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। मौसम विभाग ने आने वाले चार से पांच दिनों तक पूरे बिहार में प्री-मानसून गतिविधियां तेज रहने की संभावना जताई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से नमी वाली हवाओं के लगातार प्रवेश और स्थानीय मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है। इसका असर अगले कई दिनों तक देखने को मिलेगा। राजधानी पटना समेत उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार पटना, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, दरभंगा, सीतामढ़ी, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, गया, नवादा और औरंगाबाद सहित अधिकांश जिलों में अगले चार से पांच दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ वर्षा होने की संभावना है। विशेष रूप से सीमांचल और कोसी क्षेत्र में अच्छी बारिश के संकेत मिले हैं। इन क्षेत्रों में बादलों की सक्रियता अधिक रहने की संभावना है, जिससे किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। खेतों में खरीफ फसलों की तैयारी कर रहे किसानों के लिए यह बारिश लाभकारी साबित हो सकती है।
मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ वज्रपात यानी आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून पूर्व की बारिश के दौरान गरज वाले बादल तेजी से विकसित होते हैं, जिससे बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और खेतों में काम कर रहे किसानों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पिछले कुछ दिनों से बिहार के कई जिलों में भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान थे। कई जगहों पर तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया था। हालांकि अब मौसम में आए बदलाव के बाद गर्मी का असर काफी कम हो गया है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल राज्य में हीटवेव यानी लू चलने की संभावना नहीं है। अगले कुछ दिनों तक तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।
मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने भी लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम से जुड़ी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
राज्यभर में प्री-मानसून गतिविधियों के तेज होने से यह संकेत मिल रहा है कि बिहार में मानसून का आगमन अब ज्यादा दूर नहीं है। फिलहाल अगले पांच दिनों तक बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना बनी रहेगी, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।





