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Bihar news : निश्चिंत हैं कुशवाहा, विधायकों की टूट पर बोले -आपको बताया है क्या, सुत -उठ कर चले आते हैं ?

बिहार की राजनीति में उपेंद्र कुशवाहा और उनकी पार्टी को लेकर इन दिनों चर्चाओं का बाजार गर्म है। उनकी पार्टी के कुछ विधायक हाल ही में आयोजित लिट्टी पार्टी में शामिल नहीं हुए और उसी दिन दिल्ली जाकर बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुल

 Bihar news : निश्चिंत हैं कुशवाहा, विधायकों की टूट पर बोले -आपको बताया है क्या, सुत -उठ कर चले आते हैं ?
Tejpratap
Tejpratap
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Bihar news : बिहार की सियासत में इन दिनों उपेंद्र कुशवाहा और उनकी पार्टी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि उनकी पार्टी के कुछ विधायक उनसे नाराज चल रहे हैं। इन अटकलों को उस वक्त और हवा मिली, जब हाल ही में उपेंद्र कुशवाहा की ओर से आयोजित लिट्टी पार्टी में उनकी पार्टी के कुछ विधायक शामिल नहीं हुए। हैरानी की बात यह रही कि उसी दिन वे विधायक दिल्ली चले गए और वहां बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं। इसके बाद राजनीतिक हलकों में तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे।


दरअसल, लिट्टी पार्टी को उपेंद्र कुशवाहा की ओर से पार्टी की एकजुटता और कार्यकर्ताओं के साथ संवाद के तौर पर देखा जा रहा था। ऐसे में पार्टी के विधायकों की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए। विपक्षी दलों के साथ-साथ सत्तापक्ष के नेताओं ने भी इस मुद्दे को हाथोंहाथ लिया और कहा जाने लगा कि कुशवाहा के नेतृत्व से उनकी ही पार्टी के विधायक असंतुष्ट हैं और विकल्प तलाश रहे हैं।


इसी बीच दिल्ली में नितिन नवीन से मुलाकात की तस्वीरों ने इस चर्चा को और तेज कर दिया। तस्वीरों में विधायक मुस्कुराते नजर आए, जिससे यह संदेश गया कि अंदरखाने कुछ बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम पक रहा है। कुछ राजनीतिक विश्लेषकों ने यहां तक कहना शुरू कर दिया कि आने वाले समय में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में टूट या बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है।


हालांकि, इन तमाम चर्चाओं के बीच आज जब मीडिया ने खुद उपेंद्र कुशवाहा से इस मुद्दे पर सवाल किया, तो उनका जवाब काफी अलग और बेफिक्र अंदाज में आया। कुशवाहा ने सवाल सुनते ही कहा, “आपसे सवाल किया है? जब आपसे सवाल किया ही नहीं है तो क्यों आलतू-फालतू सवाल लेकर आ जाते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि आप लोगों के पास कोई सवाल ही नहीं है, इसलिए बेवजह की बातें की जा रही हैं। कुशवाहा ने पत्रकारों से यह भी कहा, “कह तो रहे हैं कि आपके पास कोई सवाल है ही नहीं। सूत -उठ कर चले आए हैं।”


लिट्टी पार्टी में विधायकों के शामिल न होने के सवाल पर भी कुशवाहा ने सीधा जवाब देने से परहेज किया और कहा कि “लिट्टी पार्टी में नहीं आए हैं, यह बात आपको किसने बताई है?” उनके इस बयान से साफ झलकता है कि वे इन चर्चाओं को ज्यादा तवज्जो देने के मूड में नहीं हैं।


कुशवाहा का यह रवैया उनके समर्थकों के लिए राहत की बात जरूर हो सकती है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं पर पूरी तरह से विराम नहीं लगा पाया है। बिहार की राजनीति में पहले भी कई बार देखा गया है कि ऐसे ही छोटे घटनाक्रम बड़े राजनीतिक बदलाव की भूमिका बन जाते हैं। ऐसे में विधायक का दिल्ली जाकर बीजेपी नेताओं से मुलाकात करना महज संयोग है या किसी रणनीति का हिस्सा, यह आने वाला वक्त ही बताएगा।


फिलहाल, उपेंद्र कुशवाहा सार्वजनिक तौर पर पूरी तरह निश्चिंत और बेपरवाह नजर आ रहे हैं। उन्होंने यह साफ संकेत दे दिया है कि वे अफवाहों और कयासों से परेशान होने वाले नहीं हैं। लेकिन बिहार की राजनीति में अक्सर जो दिखता है, वह पूरी सच्चाई नहीं होती। इसलिए राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर अब आगे के घटनाक्रम पर टिकी हुई है कि क्या यह मामला सिर्फ चर्चा तक सीमित रहेगा या फिर किसी बड़े राजनीतिक फैसले की ओर इशारा कर रहा है।